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Hai rooh ko aaj bhi talab teri || dard in payar shayari

Hai rooh ko aaj bhi talab teri || dard in payar shayari


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


आओ मिलकर पेड़ लगाएं || nature kavita

आओ मिलकर पेड़ लगाएं
पृथ्वी को हरा-भरा बनाए 

 

पेड़ों के मीठे फल खाएं
फूलों की सुगंध फैलाएं 

पेड़ों से छाया हम पाएं
चारों ओर प्राणवायु फैलाएं 

मिट्टी को उपजाऊ बनाएं
भूजल स्तर को यह बढ़ाएं

 

बारिश का पानी ये ले आए
मिट्टी के कटाव को ये बचाएं 

पक्षी इनपर अपना नीड़ बनाए
प्रदूषण से ये हमें बचाएं

जब पेड़ों से लाभ इतना पाएं
तो मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए

इन पेड़ों को क्यूं सताए
इनके संरक्षण की कसम हम खाएं 

आओ मिलकर पेड़ लगाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं…

          तरुण चौधरी

Title: आओ मिलकर पेड़ लगाएं || nature kavita


अर्धांगिनी पर कविता

जो दुख में भी साथ देती है
जो मुश्किल हालत में साथ होती है
जो ना छोड़ती है साथ कभी
उसे ही अर्धांगिनी कहते है।
 
जो खुदका घर छोड़ देती है
पति के घर को अपना समझती है
जो रिश्तों को बखूबी निभाती है
उसे ही अर्धांगिनी कहते है।
 
जो आंख बंद कर पति पर विश्वास दिखाती है
तुम हर जंग जीतोगे भरोसा दिलाती है
जो सफलता की हकदार कहलाती है
उसे ही अर्धांगिनी कहते है।
जो हर वचनों को निभाती है
जो सारा जनम पति की बनकर रहती है
जो हाथ पकड़कर चलती है
उसे ही अर्धांगिनी कहते है।
 
जो कभी पत्नि बन जाती है
तो कभी बहू बन जाती है
जो दिलाती है हक पिता बनने का
उसे ही अर्धांगिनी कहते हैं।

Title: अर्धांगिनी पर कविता