Hai rooh ko aaj bhi talab teri || dard in payar shayari was last modified: January 1st, 2024 by Mayank Ajey Upadhyay
रख सकों तो एक निशानी हूँ मैं खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं रोक ना पाए जिसको ये सारी दुनिया वो एक बूंद आँख का पानी हूँ मैं... सबको प्यार देने की आदत है हमें अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमें कितना भी गहरा जख़्म दे कोई उतना ही ज्यादा मुस्कुरानें की आदत है हमें.. इस अजनबी दुनिया में अकेला ख़्वाब हूँ मैं सवालों से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं जो समझ ना सके मुझे उनके लिए कौन जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं.. आँख से देखोगे तो खुश पाओगे दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं अगर रख सकों तो एक निशानी हूं मैं खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं...
Jiwe asi tere lyi tadfe aan kade tu vi kise lyi tadfegi 🥺
Chahe lakh gaira di hoja par sade dil vich tu hi dhadkengi 💔
ਜਿਵੇਂ ਅਸੀਂ ਤੇਰੇ ਲਈ ਤੜਫੇ ਆਂ ਕਦੇ ਤੂੰ ਵੀ ਕਿਸੇ ਲਈ ਤੜਫੇਂਗੀ 🥺 ਚਾਹੇ ਲੱਖ ਗੈਰਾਂ ਦੀ ਹੋਜਾ ਪਰ ਸਾਡੇ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਤੂੰ ਹੀ ਧੜਕੇਂਗੀ 💔