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Hai rooh ko aaj bhi talab teri || dard in payar shayari

Hai rooh ko aaj bhi talab teri || dard in payar shayari


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


hindi Shayari || beautiful shayari gazal

ग़ज़ल !

तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।

दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।

सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।

तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।

अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।

मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।

हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।

तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।



mukammal na huaa ishq || mohobat hindi shayari

मुकम्मल ना हुआ इश्क तोह मेरा किया कसूर
यह तोह तेरी और तकदीर की मेहरबानी है
और बहुत फ़िक्र ना किया कर अब
अधुरा इश्क रहे ना तोह सच्ची मोहब्बत की निशानी हैं
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: mukammal na huaa ishq || mohobat hindi shayari