Halaat anusaar badlana sikho
saari umar zindagi iko jehi nahi rehndi
ਹਲਾਤਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਬਦਲਣਾ ਸਿੱਖੋ..
ਸਾਰੀ ਉਮਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਇੱਕੋ ਜਿਹੀ ਨਹੀ ਰਹਿੰਦੀ🙃..
Halaat anusaar badlana sikho
saari umar zindagi iko jehi nahi rehndi
ਹਲਾਤਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਬਦਲਣਾ ਸਿੱਖੋ..
ਸਾਰੀ ਉਮਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਇੱਕੋ ਜਿਹੀ ਨਹੀ ਰਹਿੰਦੀ🙃..
कड़ी धूप हो या हो शीतकाल,
हल चलाकर न होता बेहाल.
रिमझिम करता होगा सवेरा,
इसी आस में न रोकता चाल.
खेती बाड़ी में जुटाता ईमान,
महान पुरूष हैं, है वो किसान.
छोटे-छोटे से बीज बोता,
वही एक बड़ा खेत होता.
जिसकी दरकार होती उसे,
बोकर उसे वह तभी सोता.
खेतो का कण-कण हैं जिसकी जान,
महान पुरूष है, है वो किसान.
तरुण चौधरी
