हम तो उस गलती का मातम मानते रहे जो कभी हम किया ही ना था,
पर आप बड़े सुकून से जिने लगे हो जैसे कुछ हुआ ही ना था…
हम तो उस गलती का मातम मानते रहे जो कभी हम किया ही ना था,
पर आप बड़े सुकून से जिने लगे हो जैसे कुछ हुआ ही ना था…
Har koi mera ho jaye esi meri takdeer nhi
Mein vo sheesha hun jismein koi tasveer nhi😑
Mujhe bhi koi yaad kare kya mein itna bhi khushnaseeb nahi😔
हर कोई मेरा हो जाए ऐसी मेरी तक़दीर नही
मैं वो शीशा हूँ जिसमे कोई तस्वीर नही😑
दर्द से रिश्ता है मेरा खुशियाँ मुझे नसीब नही
मुझे भी कोई याद करे क्या मैं इतना भी खुशनसीब नही😔
Husan-e-benajeer ke talabgaar hue baithe hain,
Unki ek jhalak ko bekrar hue baithe hain,
Unke nazuk hathon se sza pane ko,
Kitni sadiyon se gunahgaar hue baithe hain..
हुस्न-ए-बेनजीर के तलबगार हुए बैठे हैं,
उनकी एक झलक को बेकरार हुए बैठे हैं,
उनके नाजुक हाथों से सजा पाने को,
कितनी सदियों से गुनाहगार हुए बैठे हैं।