हम तो उस गलती का मातम मानते रहे जो कभी हम किया ही ना था,
पर आप बड़े सुकून से जिने लगे हो जैसे कुछ हुआ ही ना था…
हम तो उस गलती का मातम मानते रहे जो कभी हम किया ही ना था,
पर आप बड़े सुकून से जिने लगे हो जैसे कुछ हुआ ही ना था…
Likh y dil diyan gallan panne asi padi janne haan
Chete kr kr oonu khud nu har pal mari janne haan
माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...