Meri rooh teri muskurahat se aise kaise jud gayi…
Mehsoos tak na hua humari Zindagi tumhari kab ho gayi…🙈
मेरी रूह तेरी मुस्कुराहट से ऐसे कैसे जुड़ गई
महसूस तक न हुआ हमारी ज़िंदगी तुम्हारी कब हो गई…🙈
Meri rooh teri muskurahat se aise kaise jud gayi…
Mehsoos tak na hua humari Zindagi tumhari kab ho gayi…🙈
मेरी रूह तेरी मुस्कुराहट से ऐसे कैसे जुड़ गई
महसूस तक न हुआ हमारी ज़िंदगी तुम्हारी कब हो गई…🙈
Fer oh tareyan di shaa
Fer use chand naal pyar
Fer hawawan nu gale Laguna
Fer ton oh kudrat naal gallan karniya
Lagda dubara zindagi jiona sikh rahe haan❤️..!!
ਫਿਰ ਉਹ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਛਾਂ
ਫਿਰ ਉਸੇ ਚੰਦ ਨਾਲ ਪਿਆਰ
ਫਿਰ ਹਵਾਵਾਂ ਨੂੰ ਗਲੇ ਲਗਾਉਣਾ
ਫਿਰ ਤੋਂ ਉਹ ਕੁਦਰਤ ਨਾਲ ਗੱਲਾਂ ਕਰਨੀਆਂ
ਲੱਗਦਾ ਦੁਬਾਰਾ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਜਿਉਣਾ ਸਿੱਖ ਰਹੇ ਹਾਂ❤️..!!
“सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ या
जितना था वो काफी ना था,
नहीं समझ पाया तो समझा दिया होता
या जितना समझ पाया वो काफी ना था,
शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहीं
प्यार है तो कभी जमाने को बताते क्यों नहीं,
अरे मुह्हबत की क्या मैं नुमाईश करता
मेरे आँखों में जितना तुम्हें नजर आया,
क्या वो काफी नहीं था I
सोचता हूँ के क्या कमी रह गई,
क्या जितना था वो काफी नहीं था
“सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
उनके मुँह से निकले सारे अल्फाजों को याद कर लूँ कभी I
ऐसी क्या मज़बूरी होगी उनकी की हम याद नहीं आते I
सोचता हूँ तोहफा भेज कर अपनी याद दिला दूँ कभी I
सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I