Meri rooh teri muskurahat se aise kaise jud gayi…
Mehsoos tak na hua humari Zindagi tumhari kab ho gayi…🙈
मेरी रूह तेरी मुस्कुराहट से ऐसे कैसे जुड़ गई
महसूस तक न हुआ हमारी ज़िंदगी तुम्हारी कब हो गई…🙈
Meri rooh teri muskurahat se aise kaise jud gayi…
Mehsoos tak na hua humari Zindagi tumhari kab ho gayi…🙈
मेरी रूह तेरी मुस्कुराहट से ऐसे कैसे जुड़ गई
महसूस तक न हुआ हमारी ज़िंदगी तुम्हारी कब हो गई…🙈
कुछ ख़ास फर्क नहीं होता तेरे ना होने से,
बस ये जिंदगी, जिंदगी जीना छोड़ देती है...
मोड़ देती है रास्ते मेरे तेरी गलियों में वहां,
जहां नजरें उठाने से धड़कने दम तोड देती हैं...
मिलने का दावा करती हैं,
बोल देती है तेरी तस्वीरें, तेरी ज़ुबां ना ही सही,
मुझे वहां वापस तेरी गलियों में छोड़ देती है...
वहीं जहां धड़कनें दम तोड देती हैं...
