Hun taa eh hanju v puchhde ne
ki hoeyaa kaun si
jine saada jeena aukh kar dita
ਹੁਣ ਤਾਂ ਐਹ ਹੰਜੂ ਵੀ ਪੁਛਦੇ ਨੇ
ਕੀ ਹੋਇਆ ਕੋਨ ਸੀ
ਜਿਨੇ ਸਾਡਾ ਜਿਨਾਂ ਔਖਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ
ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Hun taa eh hanju v puchhde ne
ki hoeyaa kaun si
jine saada jeena aukh kar dita
ਹੁਣ ਤਾਂ ਐਹ ਹੰਜੂ ਵੀ ਪੁਛਦੇ ਨੇ
ਕੀ ਹੋਇਆ ਕੋਨ ਸੀ
ਜਿਨੇ ਸਾਡਾ ਜਿਨਾਂ ਔਖਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ
ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Suno
मेरे लफ्जो को पढ़ने वालो
मेरे लफ्जो को समझ जाया
करो
ये लफ्जो मैं है एहसास मेरे
कभी इन्हे भी महसूस कर लिया
करो
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।