Sheesha jhooth bolda fadeyaa gya
dil ch kine hi dukh si
chehra hasda fadeyaa gya
ਸ਼ੀਸ਼ਾ ਝੂਠ ਬੋਲਦਾ ਫੜਿਆ ਗਿਆ
ਦਿਲ ਚ ਕਿੰਨੇ ਹੀ ਦੁੱਖ ਸੀ
ਚਿਹਰਾ ਹੱਸਦਾ ਫੜਿਆ ਗਿਆ ..🥺💯💯✍🏻
Sheesha jhooth bolda fadeyaa gya
dil ch kine hi dukh si
chehra hasda fadeyaa gya
ਸ਼ੀਸ਼ਾ ਝੂਠ ਬੋਲਦਾ ਫੜਿਆ ਗਿਆ
ਦਿਲ ਚ ਕਿੰਨੇ ਹੀ ਦੁੱਖ ਸੀ
ਚਿਹਰਾ ਹੱਸਦਾ ਫੜਿਆ ਗਿਆ ..🥺💯💯✍🏻
Pagl ho rahe haan har roj teri mohobbat ch
Te tenu mere sajjna koi khabran hi naa..!!
ਪਾਗਲ ਹੋ ਰਹੇ ਹਾਂ ਹਰ ਰੋਜ ਤੇਰੀ ਮੋਹੁੱਬਤ ‘ਚ
ਤੇ ਤੈਨੂੰ ਮੇਰੇ ਸੱਜਣਾ ਕੋਈ ਖਬਰਾਂ ਹੀ ਨਾ..!!
ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।
इधर उधर थुकना मत।
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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।
समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।
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बचपन मासूम कली।
फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।
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कीचड़ में भी कमल खिलता है।
अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।
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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।
डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।
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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।
बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।
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जीविका से प्यारा है जिंदगी।
अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।