हकीकत कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
कितनी शिद्दत से हम उन्हें याद करतें हैं,
एक वो हैं जिन्हें ये सबकुछ मजाक लगता है
हकीकत कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
कितनी शिद्दत से हम उन्हें याद करतें हैं,
एक वो हैं जिन्हें ये सबकुछ मजाक लगता है
कहीं देखा हैं तुमने उसे
जो मुझे सताया करता था
जब भी उदास होती थी मैं
मुझे हँसाया करता था
एक प्यार भरा रिश्ता था वो मेरा
जो मुझे अब भी याद आता हैं
खो गया वक्त के भँवर में कहीं
जो हर पल मेरे साथ होता था
आज एक अजनबी की तरह हाथ मिलाता हैं
जो छोटी से छोटी बात मुझे बताया करता था
कहीं मिले वो किसी मोड़ पर
तो उसे मेरा संदेशा देना
कोई है जो आज भी उसका इंतजार कर रहा है
जिसे वो मेरा सच्चा साथी बोला करता था.
