हकीकत कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
कितनी शिद्दत से हम उन्हें याद करतें हैं,
एक वो हैं जिन्हें ये सबकुछ मजाक लगता है
हकीकत कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
कितनी शिद्दत से हम उन्हें याद करतें हैं,
एक वो हैं जिन्हें ये सबकुछ मजाक लगता है
ek vaqt gujara use dekhe hue
jaane ab vo kaisee dikhatee hogee
kya ab bhee vaisee dikhatee hogee
haan haan kya pahale jaisee dikhatee hogee
jis aaine ko dekh vo sanvaaratee hogee
kya khoob usakee bhee kismat hogee
एक वक़्त गुजरा उसे देखे हुए
जाने अब वो कैसी दिखती होगी
क्या अब भी वैसी दिखती होगी
हाँ हाँ क्या पहले जैसी दिखती होगी
जिस आइने को देख वो संवारती होगी
क्या खूब उसकी भी किस्मत होगी
too badanaam na ho,
sirph isaliye jee raha hoon mai,
varana teree chaukhat pe marane ka,
iraada to roz hee hota hai
तू बदनाम ना हो,
सिर्फ इसलिये जी रहा हूं मै,
वरना तेरी चौखट पे मरने का,
इरादा तो रोज़ ही होता है