शायरी हर दिल में,
उमंग भर देती है
जो कभी बे-रंग थे, उन दिलों में भी,
मोहब्बत के रंग भर देती है
Shayari Har Dil Mein,
Umang Bhar Deti Hai
Jo Kabhi Berang The, Un Dilon Mein Bhi,
Mohabbat Ke Rang Bhar Deti Hai.
Shayari Har Dil Mein,
Umang Bhar Deti Hai
Jo Kabhi Berang The, Un Dilon Mein Bhi,
Mohabbat Ke Rang Bhar Deti Hai.
महर-ओ- वफ़ा की शमआ जलाते तो बात थी
इंसानियत का पास निभाते तो बात थी
जम्हूरियत की शान बढ़ाते तो बात थी
फ़िरक़ा परस्तियों को मिटाते तो बात थी
जिससे कि दूर होतीं कुदूरत की ज़ुल्मतें
ऐसा कोई चराग़ जलाते तो बात थी
जम्हूरियत का जश्न मुबारक तो है मगर
जम्हूरियत की जान बचाते तो बात थी
ज़रदार से यह हाथ मिलाना बजा मगर
नादार को गले से लगाते तो बात थी
बर्बाद होने का तो कोई ग़म नहीं मगर
अपना बनाके मुझको मिटाते तो बात थी
हिंदुस्तान की क़सम ऐ रेख़्ता हूँ ख़ुश
पर मुंसिफ़ी की बात बताते तो बात थी
Zindagi me kabhi kabhi waqt aisa bhi aata hai gam ko apne andar chupa kar bahar insaan muskurata hai 🙂
ज़िंदगी में कभी कभी वक़्त ऐसा भी आता है गम को अपने अंदर छुपा कर बाहर इंसान मुस्कुराता है 🥲