Kaun kehtaa hai janaab jhoothi kasme khaane se marte hai
mere mehboob ne to har kasam meri jhoothi khayi hai
कौन कहता है जनाब झुठी कसमें खाने से मरते है
मेरे मेहबूब ने तो हर कसम मेरी झुठी खयी है।।
Kaun kehtaa hai janaab jhoothi kasme khaane se marte hai
mere mehboob ne to har kasam meri jhoothi khayi hai
कौन कहता है जनाब झुठी कसमें खाने से मरते है
मेरे मेहबूब ने तो हर कसम मेरी झुठी खयी है।।
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
जिस मकां में जन्म बीता
वो मकां करता नमन
श्वेत कपड़े में लिपटकर शान से जो आ रहा है
पीछे उसके भ्रमर कोई मधुर धुन में गा रहा है
देख उस सपूत को ये जहां करता नमन
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
उसने दुश्मन के आगे शान से सीना किया है
लौट आया वो धुरंधर उन्हे(दुश्मन) बदहाल जीना किया है
उनकी रूहें इस जमीं से आसमां पर जाएंगी
उनको देख ये खुदा गर्व से करता नमन
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
शहीद(सैनिक)
ਮਾਪਿਆਂ ਤੋਂ ਕਦੇ ਦੂਰ ਨਹੀਂ ਲੰਘੀਦਾ
ਸੱਚ ਕਹਿਣੋ ਕਿਸੇ ਦੇ ਮੂਹਰੇ ਨਹੀਂ ਸੰਗੀਂਦਾ !
ਰਾਹ ਜਾਂਦੇ ਦੇਖ ਕੇ ,ਕਦੇ ਨਹੀਂ ਖੰਘੀਦਾ,
ਰੱਬ ਦੀ ਰਜ਼ਾ ਵਿੱਚ ਰਹੀਦਾ,
ਤੇ ਸਰਬਤ ਦਾ ਭਲਾ ਮੰਗੀਂਦਾ !!!