Kaun kehtaa hai janaab jhoothi kasme khaane se marte hai
mere mehboob ne to har kasam meri jhoothi khayi hai
कौन कहता है जनाब झुठी कसमें खाने से मरते है
मेरे मेहबूब ने तो हर कसम मेरी झुठी खयी है।।
Kaun kehtaa hai janaab jhoothi kasme khaane se marte hai
mere mehboob ne to har kasam meri jhoothi khayi hai
कौन कहता है जनाब झुठी कसमें खाने से मरते है
मेरे मेहबूब ने तो हर कसम मेरी झुठी खयी है।।
Tu izzat patt ch rahe hamesha
Meri chahe oh aan shaan le lawe..!!
Tu khush rhe dua karde rehnde haan
Badle ch rabb meri jaan le lawe..!!
ਤੂੰ ਇੱਜਤ ਪੱਤ ‘ਚ ਰਹੇ ਹਮੇਸ਼ਾ
ਮੇਰੀ ਚਾਹੇ ਉਹ ਆਨ ਸ਼ਾਨ ਲੈ ਲਵੇ..!!
ਤੂੰ ਖੁਸ਼ ਰਹੇਂ ਦੁਆ ਕਰਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਾਂ
ਬਦਲੇ ‘ਚ ਰੱਬ ਮੇਰੀ ਜਾਨ ਲੈ ਲਵੇ..!!
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…