
Rondeya nu hasaundi e
Eh mohobbat vi insan to ki ki kraundi e..!!

घर मेरा एक बरगद है…..
मेरे पापा जिसकी जड़ है…!!
घनी छायो है मेरी माँ..
यही है मेरे आसमान…!!
पापा का है प्यार अनोखा..
जैसे शीतल हवा का झोका …!!
माँ की ममता सबसे प्यारी …
सबसे सुंदर सबसे नयारी….!!
हाथ पकड़ चलना सिखलाते
पापा हमको खूब घूमते ….!!
माँ मलहम बनकर लग जाती …
जब भी हमको चोट सताती..!!
माँ पापा बिन दुनिया सुनी
जैसे तपती आग की धुनी..!!
माँ ममता की धारा है …
पिता जीने का सहारा है…!!
Vo roye to bhut par mujhse mooh mod kar roye
Koi majboori hogi jo dil tod kar roye
Mere samne kar diye…Meri tasveer ke tukde
Pta chala mere piche vo unhe jod kar roye
वो रोए तो बहुत पर मुझसे मुंह मोड़ कर रोए,
कोई मजबूरी होगी जो दिल तोड़ कर रोए,
मेरे सामने कर दिए… मेरी तस्वीर के टुकड़े,
पता चला मेरे पीछे वो उन्हे जोड़ कर रोए।