Fauji di tankhah taa sab nu dikhdi aa dikhe na kise nu rona ohna diyaa mawa da
jado chaldi aa udo pata lagda aa naam laina sokha geeta ch raflaa diyaa shaawa da
ਫੌਜੀ di ਤਨਖਾਹ ਤਾਂ ਸਬ ਨੂੰ ਦਿਖਦੀ ਆ ਦਿਖੇ ਨਾ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਰੋਣਾ ਓਨਾ ਦਿਆਂ ਮਾਂਵਾਂ ਦਾ,
ਜਦੋ ਚਲਦੀ ਆ ਓਦੋਂ ਪਤਾ ਲਗਦਾ ਆ ਨਾਮ ਲੈਣਾ ਸੋਖਾ ਗੀਤਾਂ ਚ ਰਫਲਾਂ ਦਿਆਂ ਸ਼ਾਵਾਂ ਦਾ..
✍️anjaan_deep
देखती हु उन्हें रोज़ खिड़की से कुछ तलाश करते हुए शायद खुद की ज़मीर को खोजते हैँ
और खुद ही ना जवाब पाकर .. चुप चाप चले जातें हैँ
शायद वो समझ नी पाते जिसे वो खोजते वो उनका ज़मीर नी उनके अंदर का टुटा प्यार है ..
हर रोज़ बस अड़े पर दीखते हैँ वो ..
और फिर भी अपने घर से ना जाने कैसे मेरे घर तक आजाते हैँ .. आसमान मे देख कर कहते हैँ की..भूल जाता हूँ अपना घर
इश्क़ का नशा जो तेरा अब तक चढ़ा है ..
देखती हु वो बैग दिया हुआ मेरा .. आज तक अपने संघ रखते हैँ मानो जैसे कलेजे को ठंडक देने वाला जलजीरा हो ..या आँखों को सुलघाने वाला चमकता हीरा हो ..
पर बुधु जो हैँ इन सबमे अपना रुमाल ही भूल जाते हैँ .
जानती हु वो बस मुझे याद करते हैँ ..
तभी तो शीशे के सामने आने से हटते हैँ
अपनी शकल बता कर मेरी शकल भूलने से डरते हैँ
पहले सामने थे मेरे देखती हु अब ऊपर से वो इश्क़ जो मेरा था वो जो खो गया…..