hausala mujh mein nahin usako bulaane ka,
kaam sadiyon se lamhon mein kahaan hota hai….
हौसला मुझ में नहीं उसको बुलाने का,
काम सदियों से लम्हों में कहाँ होता है…
hausala mujh mein nahin usako bulaane ka,
kaam sadiyon se lamhon mein kahaan hota hai….
हौसला मुझ में नहीं उसको बुलाने का,
काम सदियों से लम्हों में कहाँ होता है…
Thoda sa chhup chhup kar khud ke liye bhi ji liya karo
koi nahi kahega k thak gaye ho araam karo
थोड़ा सा ..छुप छुप कर खुद के लिये भी जी लिया करो ..
कोई नही कहेगा कि थक गये हो आराम करों..
महंगा लिबास नहीं,
खाली जेब का हिसाब नहीं,
निखारनी है सीरत,
मुझे निखरी सूरत का क्या पता...
खुशियों की छांव नहीं,
ठंडी छांव में पांव नहीं,
मुझे मखमली चादर में सोने का
खिताब क्या पता...
पता है उन सुखी रोटियों की कीमत
जो किसी ने हाथ में थमा दी,
हं, मैं फकीर हूं,
मुझे सोने चांदी की कीमत क्या पता...