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Hewaan makhotte insaan da laake || punjabi sach shayari

din dihaadhe ghumde ne hewaan makhotta insaan da laake
ghar toh eh nikalde ne lagda sohaa bebe diyaa khake
apni dhiyaa dhiyaa doojhyaa di vehsa hoi
eh dekho loko doojeyaa di te daag lgaa ke
aapniyaa dhiyaa lakoi

ਦਿਨ ਦਿਹਾੜੇ ਘੁਮਦੇ ਨੇ ਹੇਵਾਨ ਮਖੋਟਾ ਇਂਸਾਨ ਦਾ ਲਾਕੇ
ਘਰ ਤੋਂ ਐਹ ਨਿਕਲਦੇ ਨੇ ਲਗਦਾ ਸੋਹਾ ਬੇਬੇ ਦਿਆਂ ਖ਼ਾਕੇ
ਆਪਣੀ ਧੀਆਂ ਧੀਆ ਦੁਜੀਆਂ ਦੀ ਵੇਹਸਾ ਹੋਈ
ਐਹ ਦੇਖੋ ਲੋਕੋ ਦੁਜੀਆਂ ਦੀ ਤੇ ਦਾਗ਼ ਲਗਾ
ਆਪਣੀਆਂ ਧੀਆਂ ਲਕੋਈ

—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: Hewaan makhotte insaan da laake || punjabi sach shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Jeevan ki jay ho || hindi life poetry

मै ज़ीवन मे कुछ न कर सक़ा!
 
जग मे अन्धियारा छाया था,
मै ज्‍वाला लेक़र आया था
मैने ज़लकर दी आयू बीता, 
पर ज़गती का तम हर न सका!
मै ज़ीवन मे कुछ न क़र सका!
 
अपनीं ही आग ब़ुझा लेता,
तो ज़ी को धैर्यं बधा देता,
मधु का साग़र लहराता था, 
लघु प्‍याला भी मै भर न सक़ा!
मै ज़ीवन में कुछ न कर सक़ा!
 
बींता अवसर क्‍या आयेगा,
मन जींवन भर पछतायेगा,
मरना तो होगा ही मुझको, 
ज़ब मरना था तब़ मर न सक़ा!
मै जींवन में कुछ न कर सक़ा!

Title: Jeevan ki jay ho || hindi life poetry


Tiranga hamari shaan || independence day || ये तिरंगा ये हमारी शान है

ये तिरंगा ये तिरंगा ये हमारी शान है
विश्वभर में भारती की अमिट पहचान है
ये तिरंगा हाथ में ले पग निरंतर ही बढ़े
ये तिरंगा हाथ में ले दुश्मनों से हम लड़े
ये तिरंगा विश्व का सबसे बड़ा जनतंत्र है
ये तिरंगा वीरता का गूंजता इक मंत्र है
ये तिरंगा वन्दना है भारती का मान है
ये तिरंगा विश्व जन को सत्य का संदेश है

ये तिरंगा कह रहा है अमर भारत देश है
ये तिरंगा इस धरा पर शान्ति का संधान है
इसके रंगो में बुना बलिदानियों का नाम हैं
ये बनारस की सुबह है ये अवध की शाम है
ये कभी मन्दिर कभी ये गुरुओं का द्वार लगे
चर्च का गुम्बंद कभी मस्जिद की मीनार लगे

ये तिरंगा धर्म की हर राह का सम्मान है
ये तिरंगा बाइबिल है भागवत का श्लोक है
ये तिरंगा आयत ए कुरआन का आलोक है
ये तिरंगा वेद की पावन ऋचा का ज्ञान है
ये तिरंगा स्वर्ग से सुंदर धरा कश्मीर है

ये तिरंगा झूमता कन्याकुमारी नीर है
ये तिरंगा माँ के होठों की मधुर मुस्कान है
ये तिरंगा देव नदियों का त्रिवेणी रूप है
ये तिरंगा सूर्य की पहली किरण की धुप है
ये तिरंगा भव्य हिमगिरी का अमर वरदान है
शीत की ठंडी हवा ये ग्रीष्म का अंगार है
सावनी मौसम में मेघों का छलकता प्यार है
झंझावतों में लहराए गुणों की खान है

ये तिरंगा लता की इक कुठुकती आवाज है
ये रविशंकर के हाथों में थिरकता ताज है
टैगोर के जनगीत जन गण मन का ये गुणगान है

ये तिरंगा गांधी जी की शान्ति वाली खोज है
ये तिरंगा नेताजी के दिल से निकला ओज है
ये विवेकानंद जी का जगजयी अभियान है
रंग होली के है इसमें ईद जैसा प्यार है

चमक क्रिसमस की लिए यह दीप सा त्यौहार है
ये तिरंगा कह रहा ये संस्कृति महान है
ये तिरंगा अंडमानी काला पानी जेल है
ये तिरंगा शांति और क्रांति का अनुपम मेल है
वीर सावरकर का ये इक साधना संगान है

Title: Tiranga hamari shaan || independence day || ये तिरंगा ये हमारी शान है