
yaadan teriyaan nu main
nit hanjuaan de mankiyaan vich parowan
nj teriyaan daan vich ditiyaan peedan nu
main saari raat hik naal la k rowan

yaadan teriyaan nu main
nit hanjuaan de mankiyaan vich parowan
nj teriyaan daan vich ditiyaan peedan nu
main saari raat hik naal la k rowan
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…
Mohobat vich haare haan..
hun naam taan banauna pau
kina c pyaar sachha
uhnu ehsaas taan karauna pau
ਮੁਹੱਬਤ ਵਿੱਚੋ ਹਾਰੇ ਹਾਂ…
ਹੁਣ ਨਾਮ ਤਾਂ ਬਣਾਉਣਾ ਪਉ..
ਕਿੰਨਾ ਸੀ ਪਿਆਰ ਸੱਚਾ..
ਉਹਨੂੰ ਅਹਿਸਾਸ ਤਾਂ ਕਰਾਉਣਾ ਪਉ