उनकी पनाह में गए
संभले और टूटे
हम खुद लड़खड़ाते रहे
सहारा दे देकर टूटे
अजीब रिवायत है मोहब्बत
की यारो ये हमे समझ ना आई
शीशे सा दिल मेरा एक
शीशे से हम टूटे
मोहब्बत भी हमने की और
हमारा वजूद भी टूटे
हमे तो टूटना है ही था हम कहा
जुड़ने के लिए टूटे
उनकी पनाह में गए
संभले और टूटे
हम खुद लड़खड़ाते रहे
सहारा दे देकर टूटे
अजीब रिवायत है मोहब्बत
की यारो ये हमे समझ ना आई
शीशे सा दिल मेरा एक
शीशे से हम टूटे
मोहब्बत भी हमने की और
हमारा वजूद भी टूटे
हमे तो टूटना है ही था हम कहा
जुड़ने के लिए टूटे
Vo mera kon hai maloom nhi hai lekin
Jab bhi milta hai pehlu mein jgah deta hai🥰
वो मेरा कौन है मालूम नहीं है लेकिन,
जब भी मिलता है तो पहलू में जगा देता है।🥰
