उनकी पनाह में गए
संभले और टूटे
हम खुद लड़खड़ाते रहे
सहारा दे देकर टूटे
अजीब रिवायत है मोहब्बत
की यारो ये हमे समझ ना आई
शीशे सा दिल मेरा एक
शीशे से हम टूटे
मोहब्बत भी हमने की और
हमारा वजूद भी टूटे
हमे तो टूटना है ही था हम कहा
जुड़ने के लिए टूटे
उनकी पनाह में गए
संभले और टूटे
हम खुद लड़खड़ाते रहे
सहारा दे देकर टूटे
अजीब रिवायत है मोहब्बत
की यारो ये हमे समझ ना आई
शीशे सा दिल मेरा एक
शीशे से हम टूटे
मोहब्बत भी हमने की और
हमारा वजूद भी टूटे
हमे तो टूटना है ही था हम कहा
जुड़ने के लिए टूटे
आज रूठा हुवा इक दोस्त बहुत याद आया
अच्छा गुज़रा हुवा कुछ वक़्त बहुत याद आया.
मेरी आँखों के हर इक अश्क पे रोने वाला
आज जब आँख यह रोई तू बहुत याद आया .
जो मेरे दर्द को सीने में छुपा लेता था
आज जब दर्द हुवा मुझ को बहुत याद आया .
जो मेरी आँख में काजल की तारा रहता था
आज काजल जो लगाया तू बहुत याद आया .
जो मेरे दिल के था क़रीब फ़क़त उस को ही
आज जब दिल ने बुलाया तू बहुत याद आया