Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status
Meri maut di khabar || Punjabi status
Meri maut di khabar sun ke na aayi
Dekh ke mera jnaja na royi
Mere to kite door ja khloyi
Teriyan akhan vich dekh ke hanju
Rab nu kite mere te tara na aa jawe
Mere jalde hoye🔥sareer vich oh vapis rooh na pa dwe
ਮੇਰੀ ਮੌਤ ਦੀ ਖ਼ਬਰ ਸੁਣ ਕੇ ਨਾ ਆਈ
ਦੇਖ ਕੇ ਮੇਰਾ ਜਨਾਜ਼ਾ ਨਾ ਰੋਈ,
ਮੇਰੇ ਤੋ ਕਿਤੇ ਦੂਰ ਜਾ ਖਲੋਈ
ਤੇਰੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਦੇਖ ਕੇ ਹੰਝੂ
ਰੱਬ ਨੂੰ ਕਦੇ ਮੇਰੇ ਤੇ ਤਰਸ ਨਾ ਆ ਜਾਵੇ
ਮੇਰੇ ਜਲਦੇ ਹੋਏ 🔥ਸਰੀਰ ਵਿੱਚ ਉਹ ਵਾਪਿਸ ਰੂਹ ਨਾ ਪਾ ਦਵੇ।
Title: Meri maut di khabar || Punjabi status
Dost || hindi poetry
सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं
लेकिन इस तर्क-ए-मोहब्बत का भरोसा भी नहीं
दिल की गिनती न यगानों में न बेगानों में
लेकिन उस जल्वा-गह-ए-नाज़ से उठता भी नहीं
मेहरबानी को मोहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त
आह अब मुझ से तिरी रंजिश-ए-बेजा भी नहीं
एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं
आज ग़फ़लत भी उन आँखों में है पहले से सिवा
आज ही ख़ातिर-ए-बीमार शकेबा भी नहीं
बात ये है कि सुकून-ए-दिल-ए-वहशी का मक़ाम
कुंज-ए-ज़िंदाँ भी नहीं वुसअ’त-ए-सहरा भी नहीं
अरे सय्याद हमीं गुल हैं हमीं बुलबुल हैं
तू ने कुछ आह सुना भी नहीं देखा भी नहीं
आह ये मजमा-ए-अहबाब ये बज़्म-ए-ख़ामोश
आज महफ़िल में ‘फ़िराक़’-ए-सुख़न-आरा भी नहीं
ये भी सच है कि मोहब्बत पे नहीं मैं मजबूर
ये भी सच है कि तिरा हुस्न कुछ ऐसा भी नहीं
यूँ तो हंगामे उठाते नहीं दीवाना-ए-इश्क़
मगर ऐ दोस्त कुछ ऐसों का ठिकाना भी नहीं
फ़ितरत-ए-हुस्न तो मा’लूम है तुझ को हमदम
चारा ही क्या है ब-जुज़ सब्र सो होता भी नहीं
मुँह से हम अपने बुरा तो नहीं कहते कि ‘फ़िराक़’
है तिरा दोस्त मगर आदमी अच्छा भी नहीं
