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Hindi shayari || Ghazal by Rekhta Pataulvi

महर-ओ- वफ़ा की शमआ जलाते तो बात थी
इंसानियत का पास निभाते तो बात थी
जम्हूरियत की शान बढ़ाते तो बात थी
फ़िरक़ा परस्तियों को मिटाते तो बात थी
जिससे कि दूर होतीं कुदूरत की ज़ुल्मतें
ऐसा कोई चराग़ जलाते तो बात थी
जम्हूरियत का जश्न मुबारक तो है मगर
जम्हूरियत की जान बचाते तो बात थी
ज़रदार से यह हाथ मिलाना बजा मगर
नादार को गले से लगाते तो बात थी
बर्बाद होने का तो कोई ग़म नहीं मगर
अपना बनाके मुझको मिटाते तो बात थी
हिंदुस्तान की क़सम ऐ रेख़्ता हूँ ख़ुश
पर मुंसिफ़ी की बात बताते तो बात थी

Title: Hindi shayari || Ghazal by Rekhta Pataulvi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Bas tera intezaar karange || love shayari punjabi

bas tera intezaar karange
kise hor naal pyar karan da koi sawaal hi nahi
har pal jo v tere bina bitaeyaa
likhange kahani tere te bhulaun da koi sawaal hi nahi

ਬੱਸ ਤੇਰਾਂ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰਾਂਗੇ
ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਕੋਈ ਸਵਾਲ ਹੀ ਨਹੀਂ
ਹਰ ਪਲ ਜੋਂ ਵੀ ਤੇਰੇ ਬਿਨਾ ਬਿਤਾਇਆ
ਲਿਖਾਂਗੇ ਕਹਾਣੀ ਤੇਰੇ ਤੇ ਭੁਲਾਉਣ ਦਾ ਕੋਈ ਸਵਾਲ ਹੀ ਨਹੀਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: Bas tera intezaar karange || love shayari punjabi


khafa hu khud se || 2 lines dard sad shayari

”E jindgi mujse is trah na muh mod
mai khafa hu khud se tu is trah na mera dil tod”

Title: khafa hu khud se || 2 lines dard sad shayari