
Kisi ne koshish bhi naa ki , sab kehte rahe is me akad bahut hai …
Enjoy Every Movement of life!

Kisi ne koshish bhi naa ki , sab kehte rahe is me akad bahut hai …
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
बिन तेरे जिने मे क्या राखा है ,
अब खोने को कुछ बाकि नही राखा है !
जिंदा हु सिर्फ तुझे पाने के लिऐ ,
वरना जहर पीने मे क्या राखा है !
😊