सरगोशियां हवाओ की सुनी जो कानो ने।
गुफ्तगू तेरी सुनी थी खामोश अफसानो ने।
मुस्कराना तेरा तो,एक दिलनशीं अदा थी।
ज़रा सुन भी लेते कहा क्या है ,दीवानो ने।
वो लचक जाना ,तेरी कमर का चलते चलते।
खुली लूट मची थी मनचलों के ख़जानो मे..
Enjoy Every Movement of life!
सरगोशियां हवाओ की सुनी जो कानो ने।
गुफ्तगू तेरी सुनी थी खामोश अफसानो ने।
मुस्कराना तेरा तो,एक दिलनशीं अदा थी।
ज़रा सुन भी लेते कहा क्या है ,दीवानो ने।
वो लचक जाना ,तेरी कमर का चलते चलते।
खुली लूट मची थी मनचलों के ख़जानो मे..
Hnji..hun khush o saade bgair😄,
Hun tohunu ni pta asi kehre shehr☺️
Hun ni mud di kdi tuhadi raah,🙂
Shurkiya tuhada karn layi saadi parwaah.😃
उलझा रहता हु खयालों में,
तेरी यादों के सवालों में,
जब भी तुझे सोचता हु,
मिल जाती है जवाबों में….