Maut to aani hi hai..
Phir beemari se hi sahi…
Fikar to honi hi hai..
Phir pareshaani hi sahi…🍁
मौत तो आनी ही है..
फिर बीमारी से ही सही…
फिक्र तो होनी ही है..
फिर परेशानी ही सही…🍁
Maut to aani hi hai..
Phir beemari se hi sahi…
Fikar to honi hi hai..
Phir pareshaani hi sahi…🍁
मौत तो आनी ही है..
फिर बीमारी से ही सही…
फिक्र तो होनी ही है..
फिर परेशानी ही सही…🍁
ये ज़िन्दगी….
ये ज़िन्दगी बहुत ही अज़ीब है यारो
कोई मौत से डरता है…तो कोई जीते जी मरता है
हर किसी को ज़िन्दगी से मोहोब्बत होती है
और जीवन खोने से हर किसी का दिल डरता है
किसी को हँसाती और किसी को रुलाती है ये ज़िन्दगी
और दिल रो रो कर यूँ ही आहें भरता है
किसी का शोंक बन जाती है…और कोई गले लगाना चाहता है इसे..
लेकिन “रूप” नफ़रत तो उसे हो जाती है इस ज़िन्दगी से
जो मोहोब्बत किसी से बेशूमार करता है….
Ye zindagi bhut hi azib hai yaaro
Koi maut se drta hai..to koi jite ji mrta hai
Har kisiko zindagi se mohobbat hoti hai
Or jivan khone se har kisi ka dil drta hai
Kisi ko hsaati or kisi ko rulati hai j zindagi
Or dil ro ro kr yun hi aanhein bharta hai
Kisi ka shonk bn jati hai…or koi gle lgana chahta hai ise…
Lekin “Rup” nfrt to use ho jati hai is zindagi se
Jo mohobbat kisi se beshumar krta hai…
सरगोशियां हवाओ की सुनी जो कानो ने।
गुफ्तगू तेरी सुनी थी खामोश अफसानो ने।
मुस्कराना तेरा तो,एक दिलनशीं अदा थी।
ज़रा सुन भी लेते कहा क्या है ,दीवानो ने।
वो लचक जाना ,तेरी कमर का चलते चलते।
खुली लूट मची थी मनचलों के ख़जानो मे..