जो अपने अंदर ऐक जमाना समेटे बेठी हैं, मुरशद
लोग यहां उसे कमजोर कहते हैं..🥀
Enjoy Every Movement of life!
जो अपने अंदर ऐक जमाना समेटे बेठी हैं, मुरशद
लोग यहां उसे कमजोर कहते हैं..🥀
कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से
