जो अपने अंदर ऐक जमाना समेटे बेठी हैं, मुरशद
लोग यहां उसे कमजोर कहते हैं..🥀
Enjoy Every Movement of life!
जो अपने अंदर ऐक जमाना समेटे बेठी हैं, मुरशद
लोग यहां उसे कमजोर कहते हैं..🥀
लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है

Kandiyaan nu kaliyaan samajh k kihne kad gal laiyaa
ehe tan #gagan hi kamla c
jo ishq di khooni mitti vich, supniyaa da beejh boo aayia