यदि मनुष्य कुछ सीखना चाहे, तो उसकी प्रत्येक भूल कुछ न कुछ सीखा देती है ।”
सौभाग्य भी उसी को मिलता है, जिसने अपने आप को उस काबिल बनाया है।”
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते ।”
यदि मनुष्य कुछ सीखना चाहे, तो उसकी प्रत्येक भूल कुछ न कुछ सीखा देती है ।”
सौभाग्य भी उसी को मिलता है, जिसने अपने आप को उस काबिल बनाया है।”
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते ।”

रात को रात, सुबह को सुबह लिखते हो
अच्छे को अच्छा बुरे को,बुरा लिखते हो
तुम्हें तो आदत है,दर्द को दर्द लिखने की
मतलब हम से बिल्कुल,जुदा लिखते हो
खुदा को तो, कभी लिखा ही नहीं तुमने
पत्थर को बना के मूरत,खुदा लिखते हो
तुम तो दुश्मनी में भी, करते हो व्यापार
बनकर हक़िम,ज़हर की दवा लिखते हो
बो तो लिख देता है,बेवफ़ाई को मज़बूरी
भैरव क्यूं बेवफ़ा को, बेवफ़ा लिखते हो