यदि मनुष्य कुछ सीखना चाहे, तो उसकी प्रत्येक भूल कुछ न कुछ सीखा देती है ।”
सौभाग्य भी उसी को मिलता है, जिसने अपने आप को उस काबिल बनाया है।”
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते ।”
यदि मनुष्य कुछ सीखना चाहे, तो उसकी प्रत्येक भूल कुछ न कुछ सीखा देती है ।”
सौभाग्य भी उसी को मिलता है, जिसने अपने आप को उस काबिल बनाया है।”
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते ।”
ना जाने क्यो सोचते है…हर वख्त तेरे बारे में!
लगता है सोहबत में तेरी मुझे ईश्क होने लगा है!
देखते हो जब मुझे शरमा कर आंखे झुक जाती है,
हर अदा पर तेरा पहरा सा महसूस होने लगा है
देखूं जब भी आइना अक्स तेरा मुझमे दिखने लगा है
खोई रहती हूं , वख्त बेवख्त तेरे ख्यालो में
ओर दिल भी ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा है
लगता है तू सोच में मेरी हावी होने लगा है
