यदि मनुष्य कुछ सीखना चाहे, तो उसकी प्रत्येक भूल कुछ न कुछ सीखा देती है ।”
सौभाग्य भी उसी को मिलता है, जिसने अपने आप को उस काबिल बनाया है।”
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते ।”
यदि मनुष्य कुछ सीखना चाहे, तो उसकी प्रत्येक भूल कुछ न कुछ सीखा देती है ।”
सौभाग्य भी उसी को मिलता है, जिसने अपने आप को उस काबिल बनाया है।”
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते ।”
kuchh khaas nahin in haathon kee lakeeron mein,
magar tum ho to ek lakeer hee kaaphee hai…
कुछ खास नहीं इन हाथों की लकीरों में,
मगर तुम हो तो एक लकीर ही काफी है…
पाव उठाऊ तो हर कदम पे एक दरिया जकड़ लेता है
गिराकर मुझे हरबार हवाओं से मिलकर अकड़ लेता है,
छोड़ दूं मुठ्ठी भर सपने मैं बुजदिल नही,
मान जाए तन मेरा पर मेरा दिल नहीं,
हर मोड़ पर मुझे ऐसे ही सताएंगे,
गिराकर मुझे खुद मुस्कुराएंगे,
तुम्हारे लिए मैं पहला नहीं हूं,
सुनो,
बहुत हिम्मत है मुझमें मैं अकेला नहीं हूं...