शाम बीती और रात हुई, गमों की फिर बरसात हुई..
तुझे भुलने को फिर से जाम पिया, गलती फिर मेरे हाथ हुई..
फिर से बहक गए लफ्ज मेरे, लफ्जों पे फिर से दात हुई..
दिलजले थे वहां कई मुझ जैसे, उनकी भी इश्क में मात हुई..
वही एक तरह का हर किस्सा, इश्क की भी भला कोई जात हुई..
हर कहानी ख़ुशी से शुरू हुई, ख़तम आंसुओं के साथ हुई..
महफिल को छोड़ चले घर की ओर, तन्हाई से फिर मुलाकात हुई..
तेरी याद बढ़ गई हर जाम के साथ, भला ये भी कोई बात हुई..
Shadd ke adh vichale tur gye
Jinna to c umeed yaara
Ohi dil nu tod ke langh gye
Jinna te c yakeen yaara💔
ਛੱਡ ਕੇ ਅੱਧ ਵਿਚਾਲੇ ਤੁਰ ਗਏ
ਜਿੰਨਾ ਤੋਂ ਸੀ ਉਮੀਦ ਯਾਰਾ
ਓਹੀ ਦਿਲ ਨੂੰ ਤੋੜ ਕੇ ਲੰਘ ਗਏ
ਜਿੰਨਾ ਤੇ ਸੀ ਯਕੀਨ ਯਾਰਾ💔