
Dass hanjhuya de siwa tere ki peya palle..!!

प्यार किया तो छोड़के जाना जरूरी था क्या
सपना दिखाकर तोड़ना मजबूरी था क्या
हीर रांझे की दी हुई कसमे भी फर्जी था क्या
वक़्त और समझौता के हवाला देकर
प्यार का नया ताज पहनना जरूरी था क्या।
प्यार किया तो छोड़के जाना जरूरी था क्या।
By- lalan raj
वो भी हमको मिल गया है क्या सितम है,
ग़म ही ग़म है क्या ही क्या है क्या सितम है।
देख ले इक मर्तबा तेरी तरफ़ जो,
रात दिन मांगे दुआ है क्या सितम है।
ज़िंदगी मेरी कहीं बस बीत जाए
बे वफ़ा तो हो गया है क्या सितम है।
इश्क़ तेरा अब जहर सा हो गया है,
वो जहर ही अब दवा है क्या सितम है।
आज कल घर से निकलते ही नहीं हो,
यार तुमको क्या हुआ है क्या सितम है।