
Dass hanjhuya de siwa tere ki peya palle..!!

Mila hai husn to is husn ki hifazat kar
Sambhal kr chal tujhe sara jahaan dekhta hai
Kaneez ho koi ya koi shahzadi ho
Jo ishq krta hai kab khandaan dekhta hai🙌
मिला है हुस्न तो इस हुस्न की हिफाज़त कर
संभल कर चल तुझे सारा ज़हान देखता है
कनीज़ हो कोई या कोई शहज़ादी हो
जो इश्क़ करता है कब खानदान देखता है🙌
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…