हौसलों को रात दिन, दिखला रही है देखिए
परबतों से लड़ रही, बल खा रही है देखिए
किसकी हिम्मत है जो, उसको रोक लेगा राह में
हौसलों को रात दिन, दिखला रही है देखिए
परबतों से लड़ रही, बल खा रही है देखिए
किसकी हिम्मत है जो, उसको रोक लेगा राह में
Dardan de naave sad shayari:
Ishq de ambar to digge sidha zamin te
Dil nu dardan de naave asi la baithe..!!
Pyar mjak bn k reh gya mera
Eve lokan nu khud te hsaa baithe..!!
Hnju on lgge nrm akhiyan vich
Kise gair te hqq asi jtaa baithe..!!
Loki pyar jitn nu firde ne
Asi jitteya pyar hraa baithe..!!
दिवाली पर पापा को बोनस मिलता था तनख्वाह थोड़ी ज्यादा आती थी सबको मालूम था दिवाली पर भी नए कपड़े लेने के लिए पैसे गिनकर मिलते थे कोई अगर बीमार हो जाए तो वो नए कपड़े भी कैंसल हो जाते थे। बचपन से ही एडजस्ट करने की आदत लग जाती है ये आदत अच्छी हो होती है पर कभी कभी बुरी भी होती है। धीरे धीरे बड़े हुए तो पता था मम्मी पापा को कुछ बनकर दिखाना है ये ख्वाब साथ लेकर चला पर बाहर निकले घर से तो ये पता चला कि जो मेरा ख्वाब है वही सबका भी ख्वाब था सबको अपनी जिंदगी में मेरी तरह ही कुछ करना था। जैसे तैसे एक नौकरी लगी वो भी मेरी पसंद की नही थी पर पापा का हाथ बंटाने के लिए भी तो कुछ करना था अपने दिल को समझकर वो नौकरी कर ली मुझे नौकरी लगी ये सुनकर मम्मी पापा दोनो खुश हो जाए पापा की आखों से तो आंसू ही आ गए आंखो से निकलते आंसू भी उस दिन मुझसे बात कर रहे थे मानो वो ये कह रहे थे की अब मेरे कंधो का थोड़ा बोझ कम हुआ मेरे साथ कोई कमाने वाला आ गया। उस दिन से मैंने वो नौकरी ज्वाइन कर ली और उसकी भी आदत सी पड़ गई।