हौसलों को रात दिन, दिखला रही है देखिए
परबतों से लड़ रही, बल खा रही है देखिए
किसकी हिम्मत है जो, उसको रोक लेगा राह में
Enjoy Every Movement of life!
हौसलों को रात दिन, दिखला रही है देखिए
परबतों से लड़ रही, बल खा रही है देखिए
किसकी हिम्मत है जो, उसको रोक लेगा राह में
गिरा तो फ़िर कभी,उठा ना मिला
बंदों का हुज़ूम था,खुदा ना मिला
ज़िस्म ना मिले,तो क्या हुआ यार
वो दिल से कभी, जुदा ना मिला
परिंदों के जैसा था, इश्क़ उसका
कोई वादा, कोई वास्ता ना मिला
ऐसे हुआ दिल पर,कब्ज़ा उसका
धड़कनों को भी, रास्ता ना मिला
उसके शाहपरस्त भी हैं,बादशाह
कोई भी पत्थर,तरास्ता ना मिला
