वो ग़ज़ल लिखते है,
और हम सुनते है।
वो सबपे लिखते है,
और हम नासमझ खुद पे समझते है।
वो ग़ज़ल लिखते है,
और हम सुनते है।
वो सबपे लिखते है,
और हम नासमझ खुद पे समझते है।
Sanu kri na begana love shayari:
Tenu pyar kitta e asi haddan tapp k..
Sanu Kari na begana hatha cho hath shdd k..!!
Tere naal rehna chaunde aan sari zindgi..
Dekhi door na kar dewi sanu dilon kdd k..!!
ਤੈਨੂੰ ਪਿਆਰ ਕੀਤਾ ਏ ਅਸੀਂ ਹੱਦਾਂ ਟੱਪ ਕੇ
ਸਾਨੂੰ ਕਰੀਂ ਨਾ ਬੇਗਾਨਾ ਹੱਥਾਂ ‘ਚੋੰ ਹੱਥ ਛੱਡ ਕੇ..!!
ਤੇਰੇ ਕੋਲ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਆਂ ਸਾਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਦੇਖੀਂ ਦੂਰ ਨਾ ਕਰ ਦੇਵੀਂ ਸਾਨੂੰ ਦਿਲੋਂ ਕੱਢ ਕੇ..!!
तीन रंगों में रंगा हुआ
सारे जग से न्यारा है,
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।
बतलाता है रंग केसरी
वीरों ने बलिदान दिया
अंग्रेजों को मार भगाया
स्वतंत्र हिंदुस्तान किया,
इनकी भुजाओं के बल से
दुश्मन हमसे हारा है
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।
श्वेत रंग संदेशा देता
अमन चैन फ़ैलाने का
प्रेम भावना बसे हृदय में
ऐसा वतन बनाने का
सुख-दुःख में एक दूजे का
बनना हमे सहारा है
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।
हरा रंग हरियाली का जो
उन्नति पथ दिखलाता है
चीर धरा का सीना हलधर
सारी फसल उगाता है,
सारे जगत को देता अन्न
पशुओं को देता चारा है
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।
बढ़ते रहें कहीं रुके नहीं
चक्र ज्ञान यह देता है
साथ समय के चले निरंतर
बनता वही प्रणेता है
बिना परिश्रम कहाँ किसीका
चमका कभी सितारा है
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।