वो ग़ज़ल लिखते है,
और हम सुनते है।
वो सबपे लिखते है,
और हम नासमझ खुद पे समझते है।
Enjoy Every Movement of life!
वो ग़ज़ल लिखते है,
और हम सुनते है।
वो सबपे लिखते है,
और हम नासमझ खुद पे समझते है।
जो दर्द छुपा था सहमी सी आँखों में उसकी, वक़्त लगा पर दिख गया..
उसे भी शायद कोई गम था ऐसा, जो बेरहम इस जमाने से झिक गया..
आँखें मूंदी कई बार तो उसने, शायद गम को कहीं वो छुपा सके..
मगर हर आंसू जो उसकी आंखों से बहा, अपने हर दर्द की दास्तां लिख गया..
pyar taa tera hasil ho jaana si
je saada changa naseeb hoeyaa
jis din di gai tu door mere ton adhiye
me hor jyaada gamaa de kareeb hoeya
ਪਿਆਰ ਤਾਂ ਤੇਰਾ ਹਾਸਿਲ ਹੋ ਜਾਣਾ ਸੀ,
ਜੇ ਸਾਡਾ ਚੰਗਾ ਨਸੀਬ ਹੋਇਆ,
ਜਿਸ ਦਿਨ ਦੀ ਗਈ ਤੂੰ ਦੂਰ ਮੇਰੇ ਤੋਂ ਅੜੀਏ,
ਮੈਂ ਹੋਰ ਜਿਆਦਾ ਗਮਾਂ ਦੇ ਕਰੀਬ ਹੋਇਆ