वो ग़ज़ल लिखते है,
और हम सुनते है।
वो सबपे लिखते है,
और हम नासमझ खुद पे समझते है।
Enjoy Every Movement of life!
वो ग़ज़ल लिखते है,
और हम सुनते है।
वो सबपे लिखते है,
और हम नासमझ खुद पे समझते है।
Paimaana aadha shodhna, yeh kaha ka lihaaz hai
nazre bhar jaati hai dil lgaakar peene se
पैमाना आधा छोड़ना, ये कहां का लिहाज़ है,
नजरें भर जाती है दिल लगाकर पीने से...
