Scenery is fine but human nature is finer.
Scenery is fine but human nature is finer.
घर मेरा एक बरगद है…..
मेरे पापा जिसकी जड़ है…!!
घनी छायो है मेरी माँ..
यही है मेरे आसमान…!!
पापा का है प्यार अनोखा..
जैसे शीतल हवा का झोका …!!
माँ की ममता सबसे प्यारी …
सबसे सुंदर सबसे नयारी….!!
हाथ पकड़ चलना सिखलाते
पापा हमको खूब घूमते ….!!
माँ मलहम बनकर लग जाती …
जब भी हमको चोट सताती..!!
माँ पापा बिन दुनिया सुनी
जैसे तपती आग की धुनी..!!
माँ ममता की धारा है …
पिता जीने का सहारा है…!!
कहते हैं जिसे लोग इश्क़, प्यार, दर्द है
ख़ुशियाँ हैं इसमें झूठ मेरे यार दर्द है
जिनको ये दर्द ना मिला वो चीखते रहे
जिनको मिला उनके लिए बेकार दर्द है
ऐसा नहीं कि आज हुआ कल नहीं हुआ
ये दर्द है तो दर्द है हर बार दर्द है. 🙂🥀