Scenery is fine but human nature is finer.
Scenery is fine but human nature is finer.
शाम बीती और रात हुई, गमों की फिर बरसात हुई..
तुझे भुलने को फिर से जाम पिया, गलती फिर मेरे हाथ हुई..
फिर से बहक गए लफ्ज मेरे, लफ्जों पे फिर से दात हुई..
दिलजले थे वहां कई मुझ जैसे, उनकी भी इश्क में मात हुई..
वही एक तरह का हर किस्सा, इश्क की भी भला कोई जात हुई..
हर कहानी ख़ुशी से शुरू हुई, ख़तम आंसुओं के साथ हुई..
महफिल को छोड़ चले घर की ओर, तन्हाई से फिर मुलाकात हुई..
तेरी याद बढ़ गई हर जाम के साथ, भला ये भी कोई बात हुई..
Insaana di iss duniyaa vich bas ehi
ik rona hai
jajjbaat apne hon taan jajjbaat hi ne
je dujhe de hon tan khidaune hai
ਇਨਸਾਨਾਂ ਦੀ ਇਸ #ਦੁਨੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਸ ਏਹੀ
ਇੱਕ #ਰੋਣਾ ਹੈ।
ਜਜ਼ਬਾਤ ਆਪਣੇ ਹੋਣ ਤਾਂ #ਜਜ਼ਬਾਤ ਹੀ ਨੇ,
ਜੇ ਦੂਜੇ ਦੇ ਹੋਣ ਤਾਂ #ਖਿਡਾਉਣਾ ਹੈ।