Log kaanto se bachke chalte hai,
humne fulo se jhakm khaye hai,
tum to gairo ki baat karte ho,
humne apne bhi aajmaye hai….💔
लोग कांटो से बचके चलते हैं
हमने फूलों से ज़ख्म खाए हैं
तुम तो गैरों की बात करते हो
हमने अपने भी आजमाएं हैं….💔
Log kaanto se bachke chalte hai,
humne fulo se jhakm khaye hai,
tum to gairo ki baat karte ho,
humne apne bhi aajmaye hai….💔
लोग कांटो से बचके चलते हैं
हमने फूलों से ज़ख्म खाए हैं
तुम तो गैरों की बात करते हो
हमने अपने भी आजमाएं हैं….💔
narazgi teri|sad shayari
Jarh to ukhaad gyi khushiya meri..
Sohneya mere narazgi teri..!!

हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला
तरुण चौधरी