
Hun ki kise nu kehana ni
Eh ishq ta ikk khel hai
Sareya ne khelde rehna ni
Ikk baazi layi c mai v haar gya
Iss ishq di kataar ch Arsh
ne ta akhir vich hi rehna c

ਕਿੰਨਾ ਨਿੱਕਾ ਜਿਹਾ ਸ਼ਬਦ ਏ ਨਾ ਉਡੀਕ ਪਰ ਕਰਦਿਆਂ ਉਮਰਾਂ ਬੀਤ ਜਾਂਦੀਆਂ ਨੇ 💯😊
Kinna Nika jeha sbad aa na udik par krdia umra bitt jandya ne💯😊
अंकुर मिट्टी में सोया था सपने मै खोया था
नन्हा बीज हवा ने लाकर एक जगह बोया था।
तभी बीज ने ली अंगड़ाई देह जरा सी पाई
आंख खोलकर बाहर आया, दुनिया पड़ी दिखाई
खाद्य मिली पानी भी पाया ऐसे जीवन आया
ऊपर बड़ा इधर, धरती में नीचे उधर समाया।
तने डालिया पत्ते आए और फल मुस्कराए
नन्हा बीज वृक्ष बनकर धरती पर लहराए।
जीता मरता रोगी होता दुख आने पर सोता
वृक्ष सांस लेता बढ़ता है जगता है फिर सोता।
रोज शाम को चिड़िया आती सारी रात बिताती
बड़े सवेरे जाग वृक्ष, पर ची ची ची ची गाती।
छाया आती बड़ी सुआती सब टोली झूट जाती
तरह तरह के खेल वर्क्ष के नीचे बैठ रचती।