If I have the belief that I can do it, I shall surely acquire the capacity to do it even if I may not have it at the beginning.
If I have the belief that I can do it, I shall surely acquire the capacity to do it even if I may not have it at the beginning.
Jad dil kare much morhde ne mere to
Dil vich rakhiyan sab fikran nu kadd ke..!!
Chale jande ne oh aksar laparwah ho ke
Menu raat de hanereyan ch ikalleya Chadd ke..!!
ਜਦ ਦਿਲ ਕਰੇ ਮੁੱਖ ਮੋੜਦੇ ਨੇ ਮੇਰੇ ਤੋਂ
ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਰੱਖੀਆਂ ਸਭ ਫ਼ਿਕਰਾਂ ਨੂੰ ਕੱਢ ਕੇ..!!
ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ ਉਹ ਅਕਸਰ ਲਾਪਰਵਾਹ ਹੋ ਕੇ
ਮੈਨੂੰ ਰਾਤ ਦੇ ਹਨੇਰਿਆਂ ‘ਚ ਇਕੱਲਿਆਂ ਛੱਡ ਕੇ..!!
सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं
लेकिन इस तर्क-ए-मोहब्बत का भरोसा भी नहीं
दिल की गिनती न यगानों में न बेगानों में
लेकिन उस जल्वा-गह-ए-नाज़ से उठता भी नहीं
मेहरबानी को मोहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त
आह अब मुझ से तिरी रंजिश-ए-बेजा भी नहीं
एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं
आज ग़फ़लत भी उन आँखों में है पहले से सिवा
आज ही ख़ातिर-ए-बीमार शकेबा भी नहीं
बात ये है कि सुकून-ए-दिल-ए-वहशी का मक़ाम
कुंज-ए-ज़िंदाँ भी नहीं वुसअ’त-ए-सहरा भी नहीं
अरे सय्याद हमीं गुल हैं हमीं बुलबुल हैं
तू ने कुछ आह सुना भी नहीं देखा भी नहीं
आह ये मजमा-ए-अहबाब ये बज़्म-ए-ख़ामोश
आज महफ़िल में ‘फ़िराक़’-ए-सुख़न-आरा भी नहीं
ये भी सच है कि मोहब्बत पे नहीं मैं मजबूर
ये भी सच है कि तिरा हुस्न कुछ ऐसा भी नहीं
यूँ तो हंगामे उठाते नहीं दीवाना-ए-इश्क़
मगर ऐ दोस्त कुछ ऐसों का ठिकाना भी नहीं
फ़ितरत-ए-हुस्न तो मा’लूम है तुझ को हमदम
चारा ही क्या है ब-जुज़ सब्र सो होता भी नहीं
मुँह से हम अपने बुरा तो नहीं कहते कि ‘फ़िराक़’
है तिरा दोस्त मगर आदमी अच्छा भी नहीं