I wish I could love you like the flowers love the sun, like the wolves love the moon, like the earthly smell of rain which you love.
I wish I could love you like the flowers love the sun, like the wolves love the moon, like the earthly smell of rain which you love.
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”
जिंदगी हाथ पकड़ कर बैठी है
मोत खड़ी हैं झोली फैलाए
खुदा भी कहता होगा मार तोह दूं इसे में
पहले दुआ मॉ की इसकी रास्ते से तोह हट जाये
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷