Aag ke paas mom le ja kar dekh lu
ho ijaajat to hath lgakar dekh lu
ਅੱਗ ਕੇ ਪਾਸ ਮੋਮ ਲੈ ਜਾ ਕਰ ਦੇਖ ਲੁ
ਹੋ ਇਜਜਾਤ ਤੋਂ ਹਾੱਥ ਲਗਾਕਰ ਦੇਖ ਲੁ
Aag ke paas mom le ja kar dekh lu
ho ijaajat to hath lgakar dekh lu
ਅੱਗ ਕੇ ਪਾਸ ਮੋਮ ਲੈ ਜਾ ਕਰ ਦੇਖ ਲੁ
ਹੋ ਇਜਜਾਤ ਤੋਂ ਹਾੱਥ ਲਗਾਕਰ ਦੇਖ ਲੁ
कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।
हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।
पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..
सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |
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“Be Stress Free To Get Success”