ਹੰਝੂਆਂ ਦਾ ਪਾਣੀ ਮੁਕ ਚੱਲਿਆ
ਪਰ ਅੱਖ ਰੋਣੋਂ ਨਾ ਹਟੀ
ਤੈਨੂੰ ਵਿਛੜਿਆਂ ਸਾਲ ਹੋ ਚੱਲਿਆ
ਪਰ ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਆਉਣੋ ਨਾ ਹਟੀ
Hanjuaan da pani muk chaleya
par akh rauno na hati
tainu vichhadeyaan saal ho chaleya
par teri yaad auno na hati
ਹੰਝੂਆਂ ਦਾ ਪਾਣੀ ਮੁਕ ਚੱਲਿਆ
ਪਰ ਅੱਖ ਰੋਣੋਂ ਨਾ ਹਟੀ
ਤੈਨੂੰ ਵਿਛੜਿਆਂ ਸਾਲ ਹੋ ਚੱਲਿਆ
ਪਰ ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਆਉਣੋ ਨਾ ਹਟੀ
Hanjuaan da pani muk chaleya
par akh rauno na hati
tainu vichhadeyaan saal ho chaleya
par teri yaad auno na hati
जब दिल में दबी उस चाहत को, उसकी यादों ने झिंझोड़ा है.. तब-तब मेरे आंसू बह निकले, जो दर्द हुआ क्या थोड़ा है..? जिस सख्स की खातिर घर - समाज, हर चीज को हमने छोड़ा है.. कैसे बताऊ ऐ दुनिया वालों, उसी सख्स ने दिल मेरा तोड़ा है.. मैं भूल उसे नहीं सकता अब, दिल बीच में बन गया रोड़ा है.. गुनेहगार तो मेरा ही दिल है, इसने ही उसे मुझसे जोड़ा है..
खो गई थी धड़कनें जो कहीं
वो वापस ले आया हूं मैं,
थोड़ी ठीक है थोड़ी ज़ख्मी हैं
फिर भी वापस ले आया हूं मैं,
क्या बातें थी याद करो तो दिल बैठ गया,
कदम लड़खड़ाते रहे, वो पल याद आते रहे,
आज बहकते बहकते ही सही,
खुद को वापस ले आया हूं मैं,
हाथ ज़ख्मों पर हैं,
और ज़ख्म धड़कनों पर,
बाजी पलटती रही,
हम धड़कनें लगाते रहे ज़ख्मों पर,
थोड़ी देर और सही,
आज शाम नहीं कल की सवेर सही,
घर तो लौट आया हूं मैं,
देखो खुदको वापस ले आया हूं मैं.....