जो भी दुख याद न था याद आया; आज क्या जानिए क्या याद आया; याद आया था बिछड़ना तेरा; फिर नहीं याद कि क्या याद आया; हाथ उठाए था कि दिल बैठ गया; जाने क्या वक़्त-ए-दुआ याद आया; जिस तरह धुंध में लिपटे हुए फूल; इक इक नक़्श तेरा याद आया; ये मोहब्बत भी है क्या रोग जिसको भूले वो सदा याद आया।
Tu taan zariya e meri ibadat da
Na puch na sukun vala haal sajjna..!!
Rahat mili menu Jo mohobbat hoyi
Tere andar bethe khuda naal sajjna🙇♀️..!!
ਤੂੰ ਤਾਂ ਜਰੀਆ ਏਂ ਮੇਰੀ ਇਬਾਦਤ ਦਾ
ਨਾ ਪੁੱਛ ਨਾ ਸੁਕੂਨ ਵਾਲਾ ਹਾਲ ਸੱਜਣਾ..!!
ਰਾਹਤ ਮਿਲੀ ਮੈਨੂੰ ਜੋ ਮੋਹੁੱਬਤ ਹੋਈ
ਤੇਰੇ ਅੰਦਰ ਬੈਠੇ ਖ਼ੁਦਾ ਨਾਲ ਸੱਜਣਾ🙇♀️..!!