Pyar ik tarfa howe
tan rulaunda bahut
be vajah raatan nu jagaunda bahut
ਪਿਆਰ ਇਕ ਤਰਫਾ ਹੋਵੇ
ਤਾਂ ਰੁਲਾਉਂਦਾ ਬਹੁਤ
ਬੇ ਵਜ੍ਹਾ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ ਜਗਾਉਂਦਾ ਬਹੁਤ
Pyar ik tarfa howe
tan rulaunda bahut
be vajah raatan nu jagaunda bahut
ਪਿਆਰ ਇਕ ਤਰਫਾ ਹੋਵੇ
ਤਾਂ ਰੁਲਾਉਂਦਾ ਬਹੁਤ
ਬੇ ਵਜ੍ਹਾ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ ਜਗਾਉਂਦਾ ਬਹੁਤ
वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना
गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना
मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना
गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना
कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना
तरुण चौधरी