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Ik varka puraani yaad ada || ਵਰਕਾ ਪੁਰਾਣੀ ਯਾਦਾਂ ਦਾ🤗

Ik varka puraani yaad ada || ਵਰਕਾ ਪੁਰਾਣੀ ਯਾਦਾਂ ਦਾ🤗 || punjabi shayari


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Jaise ko taisa || panchtantar ki kahani

एक स्थान पर जीर्णधन नाम का बनिये का लड़का रहता था । धन की खोज में उसने परदेश जाने का विचार किया । उसके घर में विशेष सम्पत्ति तो थी नहीं, केवल एक मन भर भारी लोहे की तराजू थी । उसे एक महाजन के पास धरोहर रखकर वह विदेश चला गया । विदेश स वापिस आने के बाद उसने महाजन से अपनी धरोहर वापिस मांगी । महाजन ने कहा—-“वह लोहे की तराजू तो चूहों ने खा ली ।”
बनिये का लड़का समझ गया कि वह उस तराजू को देना नहीं चाहता । किन्तु अब उपाय कोई नहीं था । कुछ देर सोचकर उसने कहा—“कोई चिन्ता नहीं । चुहों ने खा डाली तो चूहों का दोष है, तुम्हारा नहीं । तुम इसकी चिन्ता न करो ।”
थोड़ी देर बाद उसने महाजन से कहा—-“मित्र ! मैं नदी पर स्नान के लिए जा रहा हूँ । तुम अपने पुत्र धनदेव को मेरे साथ भेज दो, वह भी नहा आयेगा ।”
महाजन बनिये की सज्जनता से बहुत प्रभावित था, इसलिए उसने तत्काल अपने पुत्र को उनके साथ नदी-स्नान के लिए भेज दिया ।
बनिये ने महाजन के पुत्र को वहाँ से कुछ दूर ले जाकर एक गुफा में बन्द कर दिया । गुफा के द्वार पर बड़ी सी शिला रख दी, जिससे वह बचकर भाग न पाये । उसे वहाँ बंद करके जब वह महाजन के घर आया तो महाजन ने पूछा—“मेरा लड़का भी तो तेरे साथ स्नान के लिए गया था, वह कहाँ है ?”
बनिये ने कहा —-“उसे चील उठा कर ले गई है ।”
महाजन —“यह कैसे हो सकता है ? कभी चील भी इतने बड़े बच्चे को उठा कर ले जा सकती है ?”
बनिया—“भले आदमी ! यदि चील बच्चे को उठाकर नहीं ले जा सकती तो चूहे भी मन भर भारी तराजू को नहीं खा सकते । तुझे बच्चा चाहिए तो तराजू निकाल कर दे दे ।”
इसी तरह विवाद करते हुए दोनों राजमहल में पहुँचे । वहाँ न्यायाधिकारी के सामने महाजन ने अपनी दुःख-कथा सुनाते हुए कहा कि, “इस बनिये ने मेरा लड़का चुरा लिया है ।”
धर्माधिकारी ने बनिये से कहा —“इसका लड़का इसे दे दो ।
बनिया बोल—-“महाराज ! उसे तो चील उठा ले गई है ।”
धर्माधिकारी —-“क्या कभी चील भी बच्चे को उठा ले जा सकती है ?”
बनिया —-“प्रभु ! यदि मन भर भारी तराजू को चूहे खा सकते हैं तो चील भी बच्चे को उठाकर ले जा सकती है ।”
धर्माधिकारी के प्रश्‍न पर बनिये ने अपनी तराजू का सब वृत्तान्त कह सुनाया ।

सीख : जैसे को तैसा

Title: Jaise ko taisa || panchtantar ki kahani


Asi pa k yaar gwa Bethe || best punjabi shayari || alone and sad shayari

Niyani umar c meri || true love || sad love shayari 

Anjan pyar to niyani umar c meri
Asi dil tere naal la baithe..!!
Jithe hanjuyan de jhund vassde ne
Ohna mehfila ch pair asi pa baithe..!!
Bhora khbr na ishqe de drdan ch
Eve anjan ik Surat nu chah baithe..!!
Loki yaar pon nu firde ne
Asi pa k yaar gwa baithe..!!

ਅਣਜਾਣ ਪਿਆਰ ਤੋਂ ਨਿਆਣੀ ਉਮਰ ਸੀ ਮੇਰੀ
ਅਸੀਂ ਦਿਲ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਲਾ ਬੈਠੇ..!!
ਜਿੱਥੇ ਹੰਝੂਆਂ ਦੇ ਝੁੰਡ ਵੱਸਦੇ ਨੇ
ਉਹਨਾਂ ਮਹਿਫ਼ਿਲਾਂ ‘ਚ ਪੈਰ ਅਸੀਂ ਪਾ ਬੈਠੇ..!!
ਭੋਰਾ ਖ਼ਬਰ ਨਾ ਇਸ਼ਕੇ ਦੇ ਦਰਦਾਂ ਦੀ
ਐਵੇਂ ਅਣਜਾਣ ਇੱਕ ਸੂਰਤ ਨੂੰ ਚਾਹ ਬੈਠੇ..!!
ਲੋਕੀਂ ਯਾਰ ਪਾਉਣ ਨੂੰ ਫਿਰਦੇ ਨੇ
ਅਸੀਂ ਪਾ ਕੇ ਯਾਰ ਗਵਾ ਬੈਠੇ..!!

Title: Asi pa k yaar gwa Bethe || best punjabi shayari || alone and sad shayari