Ikk tere naal kahdiyan nazran miliyan
Satho nazarandaaz sab lok ho gye..!!
ਇੱਕ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਕਾਹਦੀਆਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਮਿਲੀਆਂ
ਸਾਥੋਂ ਨਜ਼ਰਅੰਦਾਜ਼ ਸਭ ਲੋਕ ਹੋ ਗਏ..!!
Ikk tere naal kahdiyan nazran miliyan
Satho nazarandaaz sab lok ho gye..!!
ਇੱਕ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਕਾਹਦੀਆਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਮਿਲੀਆਂ
ਸਾਥੋਂ ਨਜ਼ਰਅੰਦਾਜ਼ ਸਭ ਲੋਕ ਹੋ ਗਏ..!!
Safar wahi tak yaha tum ho,
Nazar wahi tak yaha tak tum ho,
Vese to hazaron phool khilte hain gulshan mein magar,
Khushboo vahi takk yaha tak tum ho 💕
सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,
नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,
वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,
खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो।💕
कितने गुज़र गए ज़माने यूँ ज़ख्म खाने में,
बडा वक़्त लगाते हो यार मरहम लगाने में.
दासबर्दार तेरे इश्क़ में आशनाई गवा बैठे,
बावर्णा दिल-खवा अपने भी थे ज़माने में.
जो क़ल्ब परोसता है ग़ज़लों में बेदिली से मुसाहिब,
मुझे भी तोह सुना कोनसा ग़म है तेरे अफ़साने में.
मेरा ग़म कौन जाने मैं पौधा ही जानू हिज्र-ए-गुल,
बीस दिन लगते है अशर कली को फूल बनाने में…