Insan ke liye deepak ka jeevan prernadayak v vandniye hai
Kyunki veh dusro ke liye jalta hai…Dusro se nhi✌️
इंसान के लिए दीपक का जीवन प्रेरणादायक व वंदनीय है
कयोंकि वह दूसरों के लिए जलता है…… दूसरों से नहीं✌️
Insan ke liye deepak ka jeevan prernadayak v vandniye hai
Kyunki veh dusro ke liye jalta hai…Dusro se nhi✌️
इंसान के लिए दीपक का जीवन प्रेरणादायक व वंदनीय है
कयोंकि वह दूसरों के लिए जलता है…… दूसरों से नहीं✌️
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है
Keh ke rah mai mare hue…
Hm bahut abhi hai thehre hue…
Dard se dard hai yahi…
Par hm bhi haste rahe…🙃