Insan ke liye deepak ka jeevan prernadayak v vandniye hai
Kyunki veh dusro ke liye jalta hai…Dusro se nhi✌️
इंसान के लिए दीपक का जीवन प्रेरणादायक व वंदनीय है
कयोंकि वह दूसरों के लिए जलता है…… दूसरों से नहीं✌️
Insan ke liye deepak ka jeevan prernadayak v vandniye hai
Kyunki veh dusro ke liye jalta hai…Dusro se nhi✌️
इंसान के लिए दीपक का जीवन प्रेरणादायक व वंदनीय है
कयोंकि वह दूसरों के लिए जलता है…… दूसरों से नहीं✌️
“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।
फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।
याद तो करता हूँ मैं सभी को… और परवाह भी करता हूँ सब की, पर कितनी करता हूँ… बस, बताना छोड़ दिया है।।”
Yeh mumkin toh nahi…
Ki marke bhi ishq kiya jaye…😊
Par jab tak hai tere saath hai…
Tab tak toh khush hoke jiya jaye…❤️
ये मुमकिन तो नहीं…
कि मर के भी जीया जाए…😊
पर जब तक है तेरे साथ हैं…
तब तक तो खुश हो के जीया जाए…❤️