
Ohna mud ke nahi auna intezaar na kareya kar..!!
Enjoy Every Movement of life!

न जाने कौन सी लड़ाई चल रही है किस्मत की मेरे साथ
की उसे मेरे साथ किसी का साथ रास नहीं आता
मे कितना भी साथ निभा लू किसी का पर मेरे कोई साथ नहीं आता ,
कैसे पाउ हल इस मसले का
मेरा मुकदमा लड़ने मेरा वकील भी तो नहीं आता ।
वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।