Nazar Chahti Hai Deedar Karna,
Dil Chahta Hai Pyaar Karna,
Kya Bataoon Is Dil Ka Aalam,
Nasib Me Likha Hai Intezar Karna…♥️
नज़र चाहती है दीदार करना
दिल चाहता है प्यार करना
क्या बताऊं इस दिल का आलम
नसीब में लिखा है इंतजार करना…♥️
Nazar Chahti Hai Deedar Karna,
Dil Chahta Hai Pyaar Karna,
Kya Bataoon Is Dil Ka Aalam,
Nasib Me Likha Hai Intezar Karna…♥️
नज़र चाहती है दीदार करना
दिल चाहता है प्यार करना
क्या बताऊं इस दिल का आलम
नसीब में लिखा है इंतजार करना…♥️
दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के
वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के
वीराँ है मैकदा ख़ुम-ओ-साग़र उदास है
तुम क्या गये के रूठ गये दिन बहार के
इक फ़ुर्सत-ए-गुनाह मिली वो भी चार दिन
देखे हैं हमने हौसले परवर-दिगार के
दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया
तुझ से भी दिल फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के
भूले से मुस्कुरा तो दिये थे वो आज ‘फ़ैज़’
मत पूछ वलवले दिलए-ना-कर्दाकार के
Munasib lage to humein apni yaadon mein samet lena
Karazdaar rahe hum aapke, mukammal yaari esi nibha lena…!
मुनासिफ़ लगे तो हमें अपनी यादों में समेट लेना…
कर्ज़दार रहें हम आपके, मुक़म्मल यारी ऐसी निभा लेना…!