Nazar Chahti Hai Deedar Karna,
Dil Chahta Hai Pyaar Karna,
Kya Bataoon Is Dil Ka Aalam,
Nasib Me Likha Hai Intezar Karna…♥️
नज़र चाहती है दीदार करना
दिल चाहता है प्यार करना
क्या बताऊं इस दिल का आलम
नसीब में लिखा है इंतजार करना…♥️
Nazar Chahti Hai Deedar Karna,
Dil Chahta Hai Pyaar Karna,
Kya Bataoon Is Dil Ka Aalam,
Nasib Me Likha Hai Intezar Karna…♥️
नज़र चाहती है दीदार करना
दिल चाहता है प्यार करना
क्या बताऊं इस दिल का आलम
नसीब में लिखा है इंतजार करना…♥️
कुछ अधूरे ख़्वाब जगा जाते हो,
मायूस चेहरे की मुस्कान जगा जाते हो...
सुबह पहली किरण भी तुम्हारी सादगी देखने आती है,
सांझ की रौशनी तुम्हारी जुल्फों में खो जाती है...
हवाएं तुमसे खुशबू लेकर चल रही हैं,
वो तितलियां भी तुम्हारे लबों सी खिल रही है...
कैसे बताऊं तुम्हे जैसे तुम इक किस्सा हो,
मेरी ज़िन्दगी हो मेरा इक हिस्सा हो...
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।