Tere pyaar waang saadhe iraade v kache nikale
naa chhadeyaa gya, ni dilo kadheyaa gyaa
ਤੇਰੇ ਪਿਆਰ ਵਾਂਗ ਸਾਡੇ ਇਰਾਦੇ ਵੀ ਕੱਚੇ ਨਿਕਲੇ,
ਨਾਂ ਛੱਡਿਆ ਗਿਆ, ਨਾ ਦਿਲੋ ਕੱਢਿਆ ਗਿਆ
Tere pyaar waang saadhe iraade v kache nikale
naa chhadeyaa gya, ni dilo kadheyaa gyaa
ਤੇਰੇ ਪਿਆਰ ਵਾਂਗ ਸਾਡੇ ਇਰਾਦੇ ਵੀ ਕੱਚੇ ਨਿਕਲੇ,
ਨਾਂ ਛੱਡਿਆ ਗਿਆ, ਨਾ ਦਿਲੋ ਕੱਢਿਆ ਗਿਆ
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।
आसमां छूने की ख्वाहिश किसकी नहीं होती,
बस फर्क इतना है, हर किसी की पूरी नहीं होती,
पूरी होती है उनकी, जो पसीने की बूंदे नही गिनते ,
अब दुआओं में मेहनत जितनी बरकत कहां होती,
किसने कहा दुआओं से सब हासिल हो जाता है,
ऐसा कुछ होता तो आज किसी की हसरतें बाकी ना होती,
मसला हसरतों का है इसीलिए मेहनत की तालीम सीखी है,
कुछ तो कमी है खुदा मेरे, जो दुआएं आज थोड़ी फीकी है...