Tere pyaar waang saadhe iraade v kache nikale
naa chhadeyaa gya, ni dilo kadheyaa gyaa
ਤੇਰੇ ਪਿਆਰ ਵਾਂਗ ਸਾਡੇ ਇਰਾਦੇ ਵੀ ਕੱਚੇ ਨਿਕਲੇ,
ਨਾਂ ਛੱਡਿਆ ਗਿਆ, ਨਾ ਦਿਲੋ ਕੱਢਿਆ ਗਿਆ
Tere pyaar waang saadhe iraade v kache nikale
naa chhadeyaa gya, ni dilo kadheyaa gyaa
ਤੇਰੇ ਪਿਆਰ ਵਾਂਗ ਸਾਡੇ ਇਰਾਦੇ ਵੀ ਕੱਚੇ ਨਿਕਲੇ,
ਨਾਂ ਛੱਡਿਆ ਗਿਆ, ਨਾ ਦਿਲੋ ਕੱਢਿਆ ਗਿਆ
Bina Suraj De Kade Savera Nahi Hunda
Jinvein Raat De Bina Hanera Nahi Hunda
Nibhauna Painda Ae Rishteyan Nu
Sirf Pyaar Nu Pyarr Keh Dena Hi Bathera Nahi Hunda
माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥