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Ishqe de ranga vich khedna e mein || true love shayari || sacha pyar

Ishqe de ranga ch khedna e mein
Dua rabb ton har raza ch vi tu howe..!!
Mein jitta teri zindagi hou naam mere
Mein hara te saza ch vi tu Howe..!!

ਇਸ਼ਕੇ ਦੇ ਰੰਗਾਂ ‘ਚ ਖੇਡਣਾ ਏ ਮੈਂ
ਦੁਆ ਰੱਬ ਤੋਂ ਹਰ ਰਜ਼ਾ ‘ਚ ਵੀ ਤੂੰ ਹੋਵੇਂ..!!
ਮੈਂ ਜਿੱਤਾਂ ਤੇਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੋਊ ਨਾਮ ਮੇਰੇ
ਮੈਂ ਹਾਰਾਂ ‘ਤੇ ਸਜ਼ਾ ‘ਚ ਵੀ ਤੂੰ ਹੋਵੇਂ..!!

Title: Ishqe de ranga vich khedna e mein || true love shayari || sacha pyar

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mohobbat shayari || hindi love shayari

कहाँ किस दर्ज़ा मुक़ाबिल हैं कमल उनके।
उनके बड़े हर्फ़ों के बराबर तो हम हर्फ़ तक नहीं रखते।
यहाँ तक है एहतराम ए मुहब्बत हमारा।
वो 5.4 फीट की हैं तो हम भी झुक के चलते हैं।❤️🙈

Title: Mohobbat shayari || hindi love shayari


Dost || hindi poetry

सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं
लेकिन इस तर्क-ए-मोहब्बत का भरोसा भी नहीं
दिल की गिनती न यगानों में न बेगानों में
लेकिन उस जल्वा-गह-ए-नाज़ से उठता भी नहीं
मेहरबानी को मोहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त
आह अब मुझ से तिरी रंजिश-ए-बेजा भी नहीं
एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं
आज ग़फ़लत भी उन आँखों में है पहले से सिवा
आज ही ख़ातिर-ए-बीमार शकेबा भी नहीं
बात ये है कि सुकून-ए-दिल-ए-वहशी का मक़ाम
कुंज-ए-ज़िंदाँ भी नहीं वुसअ’त-ए-सहरा भी नहीं
अरे सय्याद हमीं गुल हैं हमीं बुलबुल हैं
तू ने कुछ आह सुना भी नहीं देखा भी नहीं
आह ये मजमा-ए-अहबाब ये बज़्म-ए-ख़ामोश
आज महफ़िल में ‘फ़िराक़’-ए-सुख़न-आरा भी नहीं
ये भी सच है कि मोहब्बत पे नहीं मैं मजबूर
ये भी सच है कि तिरा हुस्न कुछ ऐसा भी नहीं
यूँ तो हंगामे उठाते नहीं दीवाना-ए-इश्क़
मगर ऐ दोस्त कुछ ऐसों का ठिकाना भी नहीं
फ़ितरत-ए-हुस्न तो मा’लूम है तुझ को हमदम
चारा ही क्या है ब-जुज़ सब्र सो होता भी नहीं
मुँह से हम अपने बुरा तो नहीं कहते कि ‘फ़िराक़’
है तिरा दोस्त मगर आदमी अच्छा भी नहीं

Title: Dost || hindi poetry