itana, aasaan hoon ki har kisee ko samajh aa jaata hoon,
shaayad tumane hee… panne chhod chhod kar padha hai mujhe..
इतना, आसान हूँ कि हर किसी को समझ आ जाता हूँ,
शायद तुमने ही… पन्ने छोड़ छोड़ कर पढ़ा है मुझे..
itana, aasaan hoon ki har kisee ko samajh aa jaata hoon,
shaayad tumane hee… panne chhod chhod kar padha hai mujhe..
इतना, आसान हूँ कि हर किसी को समझ आ जाता हूँ,
शायद तुमने ही… पन्ने छोड़ छोड़ कर पढ़ा है मुझे..
Dil Vich dard te akhan vich pani c
par ohne mudh k na vekhiya
ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਦਰਦ ਤੇ ਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਸੀ
ਪਰ ਉਹਨੇ ਮੁੜ ਕੇ ਨਾ ਵੇਖਿਆ
उनके चेहरे की हंसी पर नजर मेरी तब पड़ी, जब शहर में मेरा आना हुआ..
अब उनके चेहरे पर ही रहती है ये हर घड़ी, और उनका मुझे देख शर्माना हुआ..
मेरी नज़रों पे उनकी नज़रों ने लगाई ऐसी हथ-कडी, ना फिर मेरा कभी घर जाना हुआ..
अब नज़रों से सिर्फ वही देखते हैं, जो वो दिखाती है, ना जाने भरा ये हमने, कैसा हर-ज़ाना हुआ..