“Itni bandagi ke bad bhi, kuch khas he tera muze chahana,
Har waqt tuzase judne ka, dil dhundta he koi bahana”
“Itni bandagi ke bad bhi, kuch khas he tera muze chahana,
Har waqt tuzase judne ka, dil dhundta he koi bahana”
Too Hazar Bar Bhi Roothe To Mna Lunga Tujhe
Magar Dekh Mohabbat Me Shamil Koi Dusra Na Ho
तू हज़ार बार भी रूठे तो मना लूँगा तुझे
मगर देख मोहब्बत में शामिल कोई दूसरा ना हो
सौ ख्वाबों को मिला के एक ख्वाब देख रखा है ,
ज़िंदगी ने जाने फिर भी क्या हिसाब रखा है ,
तू मशरुफ़ है तेरी अहमत में,
और मैंने तेरे इंतज़ार को संभाल रखा है ।
माना दर्द की सौगात लाता है इश्क़ जाना ,
फिर भी मैंने अपनी मुलाकातों का गुलाब रखा है ,
तेरे साथ ही तो चल रहा है वजूद मेरा ,
तेरी यादों का मैंने एक तकियाँ भिगो रखा है ।
तेरा यू इंतज़ार करवाना ,मेरे दिल को खा जाता है ,
फिर भी तुझसे मिलने का अरमान सजा रखा है ,
कभी आओ खुल के सामने जो मेरे तुम तो दिखाऊ ,
टूटे दिल मे भी तेरे लिए एक महल सजा रखा है ।
………….अजय कुमार ।