J likha kuch mai,
Ik din likha ik raat likha
J kuch lukawa mai,
Ik dhup ik barsaat likha.
J likha kuch mai,
Ik din likha ik raat likha
J kuch lukawa mai,
Ik dhup ik barsaat likha.
“फिर आज युंहिं मौसम बदला, चहकती
देखो हर एक डाल है..
मद्धम सी बरसात हुई, छिल गई कई पेड़ों की छाल है..
हर पत्ते हर डाली ने पूछा, क्या दर्द हुआ? क्या तेरा हाल है..
कहा हुआ हूं, नया मैं फिर से, क्या जानो तुम कुदरत कमाल है..
मुझको ताकत दी है इतनी, शक्ति मेरी बेमिसाल है..
हर जीव में सांसें भरता हूं, सब करते मेरा इस्तेमाल है..
काटेंगे मुझे तो भुगतेंगे, कुदरत का कहर सबसे विशाल है..
बे-मौसम जो मौसम बदल रहे हैं, जवाब पता है, फिर भी सवाल है..”
Rishta nibhaoo mein sdaa niwe🙇♀️ ho ke injh
Ke je tu sahmne beth ke niharein menu❤️
Taan mein sajjde ch jhuk jawa😇 rab mann tenu😍..!!
ਰਿਸ਼ਤਾ ਨਿਭਾਊਂ ਮੈਂ ਸਦਾ ਨੀਵੇਂ🙇♀️ ਹੋ ਕੇ ਇੰਝ..
ਕਿ ਜੇ ਤੂੰ ਸਾਹਮਣੇ ਬੈਠ ਕੇ ਨਿਹਾਰੇਂ ਮੈਨੂੰ❤️
ਤਾਂ ਮੈਂ ਸੱਜਦੇ ‘ਚ ਝੁੱਕ ਜਾਵਾਂ😇 ਰੱਬ ਮੰਨ ਤੈਨੂੰ😍..!!