J likha kuch mai,
Ik din likha ik raat likha
J kuch lukawa mai,
Ik dhup ik barsaat likha.
Enjoy Every Movement of life!
J likha kuch mai,
Ik din likha ik raat likha
J kuch lukawa mai,
Ik dhup ik barsaat likha.
मनाता हूं तो मान जाती है, फितरत तो आज भी वैसी है..
जहां जाकर भी वो मुझे ना भूली, ना जाने वो दुनिया कैसी है..
ना कर सका अलग उसे खुदा भी मुझसे, मेरे प्यार की ताकत ऐसी है..
उसके बाद ना मिला मुझे कोई भी ऐसा, जिसे कह सकूँ के उसके जैसी है..
