Hall kar kol aun de ehna duriyan ch
Jaan chali hi na jawe udeekan teriyan ch..!!
ਹੱਲ ਕਰ ਕੋਲ ਆਉਣ ਦੇ ਇਹਨਾਂ ਦੂਰੀਆਂ ‘ਚ
ਜਾਨ ਚਲੀ ਹੀ ਨਾ ਜਾਵੇ ਉਡੀਕਾਂ ਤੇਰੀਆਂ ‘ਚ..!!
Hall kar kol aun de ehna duriyan ch
Jaan chali hi na jawe udeekan teriyan ch..!!
ਹੱਲ ਕਰ ਕੋਲ ਆਉਣ ਦੇ ਇਹਨਾਂ ਦੂਰੀਆਂ ‘ਚ
ਜਾਨ ਚਲੀ ਹੀ ਨਾ ਜਾਵੇ ਉਡੀਕਾਂ ਤੇਰੀਆਂ ‘ਚ..!!
जिन्हें मोहब्बत थी मेरी मुस्कानों से
वे आज मेरा जिस्म चाहने लगे हैं
जो चाहते थे मैं हमेशा मुस्कुराऊं
वे आज मेरी मुस्कान ही छीनने लगे हैं
उनके चेहरे की हंसी पर नजर मेरी तब पड़ी, जब शहर में मेरा आना हुआ..
अब उनके चेहरे पर ही रहती है ये हर घड़ी, और उनका मुझे देख शर्माना हुआ..
मेरी नज़रों पे उनकी नज़रों ने लगाई ऐसी हथ-कडी, ना फिर मेरा कभी घर जाना हुआ..
अब नज़रों से सिर्फ वही देखते हैं, जो वो दिखाती है, ना जाने भरा ये हमने, कैसा हर-ज़ाना हुआ..