un se kah do apanee khaas hiphaazat kiya kare,
beshak saanse unakee hai… par jaan to meree hai.…
उन से कह दो अपनी ख़ास हिफाज़त किया करे,
बेशक साँसे उनकी है… पर जान तो मेरी है.…
un se kah do apanee khaas hiphaazat kiya kare,
beshak saanse unakee hai… par jaan to meree hai.…
उन से कह दो अपनी ख़ास हिफाज़त किया करे,
बेशक साँसे उनकी है… पर जान तो मेरी है.…
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”
G Karda
teriyaan yaada di tapdi ret vich tur jawan
har kadam kadam vich maas chhilawan
te naina de loone piniyaan vich khur jawan
ਜੀ ਕਰਦਾ ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਦੀ ਤੱਪਦੀ ਰੇਤ ਵਿੱਚ ਮੈਂ ਤੁਰ ਜਾਵਾਂ
ਹਰ ਕਦਮ ਕਦਮ ਤੇ ਮਾਸ ਛਿਲਾਵਾਂ
ਤੇ ਨੈਣਾਂ ਦੇ ਲੂਣੇ ਪਾਣੀਆਂ ਵਿੱਚ ਖੁਰ ਜਾਵਾਂ