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Jab tak hain tere sath hain || love hindi shayari

Yeh mumkin toh nahi…                       
Ki marke bhi ishq kiya jaye…😊       
Par jab tak hai tere saath hai…             
Tab tak toh khush hoke jiya jaye…❤️

ये मुमकिन तो नहीं…
कि मर के भी जीया जाए…😊
पर जब तक है तेरे साथ हैं…
तब तक तो खुश हो के जीया जाए…❤️

Title: Jab tak hain tere sath hain || love hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Akhan chon hnjhu || sad but true shayari || Punjabi status

Hnju kir gye akhan cho ajj ohde moohon sun k
Ke tenu mere hon naal fark hi ki painda e..!!

ਹੰਝੂ ਕਿਰ ਗਏ ਅੱਖਾਂ ‘ਚੋਂ ਅੱਜ ਓਹਦੇ ਮੂੰਹੋ ਸੁਣ ਕੇ
ਕਿ ਤੈਨੂੰ ਮੇਰੇ ਹੋਣ ਨਾਲ ਫ਼ਰਕ ਹੀ ਕੀ ਪੈਂਦਾ ਏ..!!

Title: Akhan chon hnjhu || sad but true shayari || Punjabi status


ऊँट की गर्दन || akbar story

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: ऊँट की गर्दन || akbar story