जब तिरछी नजरों से उन्होंने हमको देखा,
तो हम मदहोश हो गए
जब पता लगा उनकी नज़रें ही तिरछी हैं
तो हम बेहोश हो गए।
जब तिरछी नजरों से उन्होंने हमको देखा,
तो हम मदहोश हो गए
जब पता लगा उनकी नज़रें ही तिरछी हैं
तो हम बेहोश हो गए।
स्त्री हूं मैं मेरा कहां सम्मान होता है
मेरे कपड़ों से मेरा चरित्र भाप लिया जाता है।
अगर जींस या वेस्टर्न ड्रेस पहन लूं मैं
तो मैं बिगड़ी हुई मान ली जाती हूं।
अगर मैं साड़ी भी पहनूं तो भी
उसमे भी खोट नजर आती है।
मेरी साड़ी में भी कमिया ही नजर आती है।
यहां तो एक औरत भी औरत का सम्मान नही करती
एक औरत को दूसरी औरत में भी खोट नजर आती है।
मेरे कपड़ों में कोई कमी नहीं कमी तुम्हारी नज़र में है
मैं कुछ भी पहन लूं तुम्हे कमी नजर आनी ही है।
सीने के बल चल कर आया था मैं
फिर मोहब्बत में नाकाम हुआ
वफा तो दोनो तरफ से थी….
फिर हमारा ही क्यू बुरा अंजाम हुआ
कलम तू कैसे लिख लेता है मेरे दर्द को
सलमान….तेरा दर्द लिखकर ही तो मेरा नाम हुआ
ऐन मुमकिन है दिल की मरम्मत हो जाए
मगर वक्त से पहले ही बंद बाजार हुआ
हमसे दोस्ती _तुम्हे मायूस कर देगी
अब तो खुद में ही मैं खाक हुआ
देख इंतजार में है लोग तेरी दास्तान सुनने के लिए
जा कर कह दो लोगो से…….दर्द से उनका इंतकाल हुआ