ਜਦੋ ਜੀਅ ਕਰਦੈ
ਉਦੋ ਬੁਲਾਉਦੇ ਨੇ
ਜਦੋ ਜੀਅ ਕਰਦੈ
ਸੱਜਣ ਦਿਲੋ ਭੁਲਾਉਣੇ ਨੇ
ਜਦੋ ਜੀਅ ਕਰਦੈ
ਹੱਕ ਵੀ ਖੋਹ ਲੈਂਦੇ
ਪ੍ਰੀਤ ਜਦੋ ਜੀਅ ਕਰਦੈ
ਹੱਕ ਉਦੋ ਜਤਾਉਂਦੇ ਨੇ
ਜਦੋ ਜੀਅ ਕਰਦੈ
ਉਦੋ ਬੁਲਾਉਦੇ ਨੇ
ਜਦੋ ਜੀਅ ਕਰਦੈ
ਸੱਜਣ ਦਿਲੋ ਭੁਲਾਉਣੇ ਨੇ
ਜਦੋ ਜੀਅ ਕਰਦੈ
ਹੱਕ ਵੀ ਖੋਹ ਲੈਂਦੇ
ਪ੍ਰੀਤ ਜਦੋ ਜੀਅ ਕਰਦੈ
ਹੱਕ ਉਦੋ ਜਤਾਉਂਦੇ ਨੇ
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
हवाओं में फैली है जो खुशबू, उसकी सादगी तुम हो…
मेरी रूह को जो ठंडक दे, वो ताज़गी तुम हो…
सज़दा करू मैं किसका, मेरी दुआओं में तुम,
मेरी वफाओं में तुम, बरसती घटाओं में तुम,
बस तुम ही तुम… तुम हो मेरे आज में मेरे कल में भी तुम,
मेरे हर वक्त में तुम, बस तुम ही तुम…
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
ये धड़कने तुम्हारी है,
मेरे दिल की कीमत समझ लेना,
बिछ जाऊं तुम्हारे क़दमों में,
इसे मेरी मन्नत समझ लेना,
तस्वीर मैं भी हूं तुम्हारी,
मुझे अपनी सीरत समझ लेना…
मेरे साए में भी अब दिखते हो तुम,
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
Haqeeqat kaho to unhe khuab lagta hai
Shikwa karo to unhe mazak lagta hai
Kitni shiddat se hum unhe yaad karte hain
Ek vo hain jinhe sabkuch mazak lagta hai…🫠
हकीकत कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
कितनी शिद्दत से हम उन्हें याद करतें हैं,
एक वो हैं जिन्हें ये सबकुछ मजाक लगता है…🫠